ब्लैकमेल केस में आया चौंकाने वाला मोड़! जेल में बंद नर्स ने डॉक्टर पर लगाए 100 महिलाओं से रेप का आरोप

राजस्थान के बाड़मेर में एक निजी अस्पताल से जुड़े चर्चित ब्लैकमेल मामले में नया मोड़ सामने आया है। अब तक इस मामले में अस्पताल संचालक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई चल रही थी, लेकिन अदालत में पेशी के दौरान आरोपी नर्स ने डॉक्टर पर ही कई गंभीर आरोप लगा दिए। इसके बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नर्स ने दावा किया कि डॉक्टर खुद को बचाने के लिए उसे झूठे मामले में फंसा रहे हैं। दूसरी ओर, डॉक्टर पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगा चुके हैं कि नर्स कई वर्षों तक कथित आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करती रही और करोड़ों रुपये वसूल लिए। अब दोनों पक्षों के आरोपों के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

डॉक्टर ने लगाए ब्लैकमेल और करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप

डॉक्टर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2016 में अस्पताल में नियुक्त हुई नर्स ने धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया। शिकायत में आरोप है कि इसी दौरान उसने कथित तौर पर निजी फोटो और वीडियो तैयार कर लिए और बाद में उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया। डॉक्टर का दावा है कि इस दबाव में उनसे लगभग ₹2 करोड़ लिए गए। इसके अलावा अस्पताल के खाते से ₹35 लाख निकलवाने और हाल ही में ₹5 लाख नकद लेने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया कि नर्स अस्पताल की गतिविधियों पर नजर रखती थी और सीसीटीवी से जुड़ी जानकारी तक उसके पास पहुंच गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी नर्स को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ शुरू की।

अदालत में नर्स का पलटवार, लगाए गंभीर आरोप

न्यायिक हिरासत के दौरान अदालत में पेशी के समय नर्स ने डॉक्टर के सभी आरोपों को गलत बताया। उसने कहा कि उसके खिलाफ दर्ज किया गया मामला झूठा है और डॉक्टर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। नर्स ने डॉक्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें महिलाओं के साथ कथित यौन अपराध और अस्पताल में अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े दावे भी शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई सार्वजनिक प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर के खिलाफ इस संबंध में उन्हें अब तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करती हैं।

पुलिस बोली- जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

बाड़मेर पुलिस का कहना है कि फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी पक्ष के आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों से बचें। फिलहाल यह मामला अदालत और जांच एजेंसियों के सामने है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने निजी अस्पतालों में सुरक्षा, पारदर्शिता और पेशेवर आचरण को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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