उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले के आरोपी शरजील इमाम ने एक बार फिर जमानत के लिए अदालत का रुख किया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर नई याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई तय की है। शरजील इमाम पिछले करीब छह वर्षों से जेल में बंद हैं और उनकी यह दूसरी जमानत याचिका है। इससे पहले इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट उनकी जमानत अर्जी खारिज कर चुका था।
याचिका में क्या दलील दी गई?
शरजील इमाम की ओर से दायर नई याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी मामले की सुनवाई में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। बचाव पक्ष का कहना है कि अब तक आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है और मामले की सुनवाई काफी धीमी गति से चल रही है। इसी आधार पर अदालत से जमानत देने की मांग की गई है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस से विस्तृत जवाब मांगा है ताकि मामले के सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला लिया जा सके।
दिल्ली दंगा साजिश केस से जुड़ा है मामला
यह मामला वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दंगों की साजिश रचने और भड़काऊ भाषण देने में शरजील इमाम की भूमिका रही थी। इसी मामले में उन पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। इस केस में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं और अदालत में लंबे समय से सुनवाई जारी है। इसी मामले में आरोपी उमर खालिद ने भी अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है।
कौन हैं शरजील इमाम?
शरजील इमाम बिहार के रहने वाले हैं और उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। वर्ष 2020 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में उन्हें अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए सीमित अवधि की पैरोल भी दी गई थी। अब उनकी नई जमानत याचिका पर अदालत और दिल्ली पुलिस के जवाब के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल सभी की नजरें 4 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।








