अबूधाबी कैसे पहुंचा नागपुर का NEET छात्र का सेंटर? NTA की गलती या सिस्टम का बड़ा फेलियर, परीक्षा से पहले मचा हड़कंप

NEET Re-Exam 2026 को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है, जिसने पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर लीक के आरोपों के बाद 21 जून को देशभर में NEET की पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें करीब 22 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। इसी बीच नागपुर के एक छात्र को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां उसे भारत के बजाय सीधे अबूधाबी (UAE) परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है। इस गलती के बाद छात्र और उसके परिवार में चिंता बढ़ गई है और मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है।

एडमिट कार्ड में विदेश का सेंटर देखकर परिवार हैरान

छात्र अब्दुल्ला के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनका बेटा मूल परीक्षा नागपुर में दे चुका है और उसने पुनर्परीक्षा के लिए भी नागपुर, वर्धा या भंडारा जैसे नजदीकी केंद्रों का विकल्प चुना था। लेकिन 19 जून को जब एडमिट कार्ड डाउनलोड हुआ, तो उसमें परीक्षा केंद्र के रूप में अबूधाबी लिखा देखकर परिवार पूरी तरह हैरान रह गया। परिजनों के अनुसार 14 जून से लगातार एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण समस्या बनी रही। जैसे ही एडमिट कार्ड मिला, तुरंत NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई।

पासपोर्ट नहीं, कैसे देंगे विदेश में परीक्षा?

सबसे बड़ी समस्या यह है कि छात्र के पास फिलहाल पासपोर्ट भी नहीं है, जिससे वह विदेश में परीक्षा देने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है। परिजनों का कहना है कि यदि परीक्षा केंद्र नहीं बदला गया तो छात्र NEET Re-Exam में शामिल नहीं हो पाएगा और उसका पूरा एक साल खराब हो सकता है। पिता ने इसे सिस्टम की गंभीर लापरवाही बताया है और सवाल उठाया है कि आखिर कैसे एक भारतीय छात्र को बिना किसी कारण के विदेश परीक्षा केंद्र अलॉट किया जा सकता है। इस मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

 NTA का आश्वासन और आगे की उम्मीद

मामला सामने आने के बाद परिजनों ने तुरंत NTA से संपर्क किया, जिसके बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शनिवार शाम 4 बजे तक परीक्षा केंद्र को बदलकर नागपुर कर दिया जाएगा। हालांकि अब तक अंतिम संशोधन नहीं हुआ है, इसलिए परिवार अभी भी चिंता में है। यह मामला अब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह छात्र के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकता है। फिलहाल सभी की नजर NTA के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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