भारतीय जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच समुद्र में उतरेगी इंडियन नेवी? PM मोदी से किसने ये मांग

दुनिया के कई अहम समुद्री इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास अपील की है। यूनियन ने कहा है कि रेड सी (लाल सागर), ब्लैक सी (काला सागर) और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों पर भारतीय नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि इन रास्तों से बड़ी संख्या में भारतीय झंडे वाले जहाज और भारतीय नाविक गुजरते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उन पर लगातार खतरा बना हुआ है। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि जब तक इन क्षेत्रों में हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक भारतीय नौसेना के जहाज और जरूरी सुरक्षा संसाधन तैनात किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

युद्ध और तनाव से बढ़ा खतरा, समुद्री रास्ते बने चुनौती

यूनियन ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव तथा रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिन रास्तों से दुनिया का बड़ा हिस्सा व्यापार करता है, वे अब जोखिम वाले क्षेत्र बनते जा रहे हैं।

यूनियन का कहना है कि मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी से मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ रही है। खासतौर पर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए बताया गया कि हाल ही में वहां एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ, जिसने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी वजह से यूनियन ने मांग की है कि भारतीय नौसेना की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

 भारतीय जहाज पर हमले के बाद सरकार भी हुई सक्रिय

हाल ही में लाल सागर क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले कार्गो जहाज MSV FAIZE NOORE OLIYA पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने भी इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहकर पूरे बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। वहीं केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और बचाए गए क्रू सदस्यों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। सरकार का कहना है कि समुद्री क्षेत्र में लगातार हो रहे हमले वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय हैं।

 यमन ने भी की निंदा, समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी वैश्विक चिंता

भारतीय जहाज पर हुए हमले की यमन सरकार ने भी कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि लाल सागर में भारतीय कार्गो जहाज को निशाना बनाना बेहद गंभीर घटना है। मंत्रालय के अनुसार, हमले में विस्फोटकों से भरी नाव का इस्तेमाल किया गया था। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्य, जिनमें 13 भारतीय शामिल थे, सुरक्षित बचा लिए गए और उन्हें अल-मखा बंदरगाह पहुंचा दिया गया।

यमन ने साथ ही लाल सागर, बाब-अल-मंदेब और अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत बताई है। दूसरी ओर, क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और हूथी समूह की ओर से नए हमलों के दावे भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले समय में भारत सहित कई देशों को अपने समुद्री हितों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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