जम्मू-कश्मीर के रियासी और रामबन जिलों में हालिया भारी बारिश के चलते अचानक भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई जानें जा चुकी हैं और कई लोग अब भी लापता हैं। रियासी जिले के माहौर इलाके में मंगलवार देर रात हुए भूस्खलन ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन दरकने की तेज़ आवाज सुनकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाकर भागे। इस हादसे में 7 लोग लापता हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। फिलहाल राहत और बचाव टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं और प्रभावित इलाकों में बिजली-पानी की सप्लाई ठप हो चुकी है।
रामबन में तीन की मौत, दो लापता
रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में भी भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। यहां तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है। मौके पर पहुंची आपदा प्रबंधन टीम (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू कार्य शुरू कर दिया है। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों और स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन ने राजगढ़ क्षेत्र के आसपास के गांवों में चेतावनी जारी कर दी है और संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने का काम तेज़ कर दिया गया है।
प्रशासन अलर्ट पर, मौसम बिगड़ने की आशंका
रियासी और रामबन दोनों जिलों में जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और सभी सरकारी विभागों को तत्काल राहत कार्यों के लिए निर्देशित किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता और तैयारी बेहद ज़रूरी है।
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