भारत पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत आने वाली FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ सबूत पेश कर सकता है। इन सबूतों का मकसद पाकिस्तान को फिर से FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ में डालना है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद को रोकने में पूरी तरह गंभीर नहीं है और इस वजह से उस पर दबाव बढ़ाना जरूरी है।
भारत के पास क्या सबूत हो सकते हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत कुछ वीडियो और दस्तावेज पेश कर सकता है। इनमें ऐसे वीडियो भी शामिल हो सकते हैं जिनमें पाकिस्तानी सेना या अधिकारियों की मौजूदगी आतंकियों से जुड़ी गतिविधियों में दिखाई देती है। भारत का दावा है कि ये सबूत दिखाते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने में सफल नहीं हुआ है। इसी वजह से भारत चाहता है कि FATF इस पर कड़ी कार्रवाई करे।
ग्रे लिस्ट क्या होती है और पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है?
FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ उन देशों की सूची होती है जिन पर आतंकवाद की फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर नजर रखी जाती है। पाकिस्तान पहले भी इस लिस्ट में रह चुका है, लेकिन 2022 में उसे इससे बाहर कर दिया गया था। अगर कोई देश इस लिस्ट में आ जाता है, तो उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ जाता है और उसे लोन और निवेश मिलने में दिक्कत हो सकती है।
पाकिस्तान पर बढ़ सकता है आर्थिक दबाव
अगर FATF पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डालता है, तो उसकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। उसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज और मदद मिलने में परेशानी हो सकती है। भारत का मानना है कि इससे पाकिस्तान पर आतंकवाद रोकने का दबाव बनेगा। फिलहाल इस पूरे मामले पर दुनिया की नजर बनी हुई है और आने वाली FATF बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
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