Sunday, February 1, 2026

भारत बना सकता है सेमीकंडक्टर का ग्लोबल हब, बजट 2026 में इतने हजार करोड़ की दांवदार सौगात

Budget 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की महत्वाकांक्षाओं को मजबूती देने के लिए 40,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इस ऐलान का मकसद देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस दिशा में ISM 2.0 प्रोग्राम लॉन्च किया जाएगा, जो उपकरण और सामग्री निर्माण, फुल स्टैक डिजाइन, इंडियन IP और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद करेगा। साथ ही, टेक्नोलॉजी और कुशल वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए इंडस्ट्री-लीडेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इससे भारत की हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी और घरेलू मांग को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।

अहमियत क्यों: AI, EV और 5G/6G के जमाने में भारत का नया रोल

सेमीकंडक्टर पर 40,000 करोड़ का निवेश इसलिए बेहद अहम है क्योंकि वैश्विक सप्लाई-चेन में लगातार रुकावटें और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। AI, इलेक्ट्रिक वाहन, 5G/6G टेलीकॉम, डिफेंस और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस निवेश से भारत इन सभी सेक्टरों में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार होगा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता हासिल करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के तहत इसका उद्देश्य घरेलू मांग का एक बड़ा हिस्सा भारत में पूरा करना और 2030 के दशक तक भारत को वैश्विक हब के रूप में स्थापित करना है।

निवेशकों को मिलेगा भरोसा

बजट में इस ऐलान के बाद निवेशकों का भरोसा सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। एनालिस्टों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर के शेयरों में इस निवेश के कारण पॉजिटिव सेंटीमेंट दिखाई दे सकता है। मार्केट विशेषज्ञ इसे स्ट्रेटेजिक एरिया में कैपेक्स-ड्रिवन ग्रोथ की निरंतरता के रूप में देख रहे हैं। लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह सेक्टर आकर्षक बन सकता है क्योंकि भारत तेजी से ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है।

2034 तक 177 बिलियन डॉलर का बाजार

पहले के अनुमानों के मुताबिक, भारत 2026 से 2034 के बीच सेमीकंडक्टर सेक्टर में सालाना 12.18 प्रतिशत की दर से बढ़ने वाला है। MARC Group के अनुसार, 2034 तक भारत का सेमीकंडक्टर बाजार करीब 177 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इस सेक्टर के विस्तार से घरेलू उद्योगों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और टेक्नोलॉजी, AI, EV और डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। निवेश के साथ-साथ प्रशिक्षण और रिसर्च सेंटर के माध्यम से कुशल वर्कफोर्स भी तैयार होगा। भारत के लिए यह सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में नेतृत्व स्थापित करने का एक बड़ा कदम है।

Read More-Budget 2026: रेलवे में आया अब तक का सबसे बड़ा बदलाव! 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर से बदलेगा दिल्ली से दक्षिण तक का सफर

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img