बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने देश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भारत में रह रही शेख हसीना ने कहा है कि वह इस साल के अंत तक अपने देश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें पता है कि बांग्लादेश लौटते ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है या उनके सामने अन्य गंभीर खतरे भी आ सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वह वापस जाने का फैसला कर चुकी हैं। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक भी इस घोषणा को आने वाले समय की बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक मान रहे हैं।
कहा- देश की मिट्टी में ही रहना चाहती हूं
अपने बयान में शेख हसीना ने भावुक अंदाज में कहा कि उनका जीवन और परिवार बांग्लादेश की मिट्टी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह का नुकसान होता है तो वह अपने देश में ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री का कहना है कि वह अपने देश के लोगों के बीच रहना चाहती हैं और परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वापसी का फैसला नहीं बदलेंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लौटने के बाद वह कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं और अदालत के सामने पेश होंगी।
सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रही हैं हसीना
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए बड़े छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक हालात तेजी से बदले थे। व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद वह देश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। हाल के महीनों में उनकी वापसी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब पहली बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से लौटने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वापसी को लेकर उनकी वर्तमान बांग्लादेशी प्रशासन से कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में उनकी संभावित वापसी को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।
कानूनी मामलों के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चा
शेख हसीना की वापसी का ऐलान ऐसे समय में आया है जब वह कई कानूनी और राजनीतिक विवादों के केंद्र में हैं। बांग्लादेश की अदालतों में उनके खिलाफ विभिन्न मामलों को लेकर सुनवाई और फैसलों की चर्चा पहले से ही चल रही है। ऐसे माहौल में उनका देश लौटने का फैसला राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शेख हसीना वास्तव में बांग्लादेश लौटती हैं तो इससे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल उनकी इस घोषणा पर समर्थकों और विरोधियों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि दिसंबर के आसपास शेख हसीना का अगला कदम क्या होगा और बांग्लादेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
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