CJP Protest: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार ने पुलिस अधिकारी एसीपी विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। आरोपों को लेकर प्रदर्शनकारी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और संसद मार्ग थाने के बाहर जुटे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल यह मामला दिल्ली पुलिस के लिए भी अहम बन गया है।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन, बैरिकेड पर चढ़े सौरव दास
मामले को लेकर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास एक बार फिर संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान वह बैरिकेड पर चढ़ गए और मामले में कार्रवाई की मांग की। सौरव दास का कहना है कि शिकायत करने वाली महिला पत्रकार को न्याय मिलना चाहिए और पुलिस को उनकी बात सुननी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पीड़िता से मिलने और मामले पर चर्चा करने के लिए उन्हें पुलिस स्टेशन के अंदर जाने दिया जाए। इस दौरान थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।
We are outside the Parliament Street Police Station. The Police is unwilling to meet the victim who has been molested by ACP Vivek Bhagat. This is unacceptable! We will continue to stand here until they let us in!
@whattalawyer @Cockroachisback https://t.co/oNf4vStlNz
— Saurav Das (@SauravDassss) October 4, 2026
प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मुलाकात की मांग की
सौरव दास के मुताबिक, पीड़िता के साथ एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद था। उन्होंने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में रत्ना सिंह, वृंदा करात, आइशी घोष और ऋषभ रंजन भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने बैठक में किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौजूद रखने की मांग की। सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़िता से मिलने के लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि यदि उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, तो वे आगे कदम उठाएंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, वे थाने के बाहर डटे रहेंगे।
दिल्ली पुलिस ने बताया- तीन शिकायतें मिलीं
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मामले में तीन शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस के अनुसार, रविवार यानी 4 अक्टूबर को इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। अब जांच के दौरान शिकायतों में लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। ऐसे में सवाल है कि जांच में क्या सामने आएगा और महिला पत्रकार के आरोपों पर पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी।








