कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका के तिहाड़ जेल में बंद होने से पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भावुक हो गए। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उन्होंने अपने दोनों साथियों को याद किया। दिपके ने कहा कि उनकी आंखों में आंसू डर की वजह से नहीं हैं, बल्कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके दोनों भाई इस समय जेल में हैं। उन्होंने बताया कि तीनों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप है, जहां वे एक-दूसरे को मीम्स भेजकर हंसी-मजाक किया करते थे। अपने साथियों की गैरमौजूदगी उन्हें काफी खल रही है।
समर्थकों से घर लौटने की अपील, गांधी के विचारों का किया जिक्र
लाइव के दौरान दिपके ने प्रदर्शन में शामिल लोगों से अपने घर लौटने और परिवार का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का मकसद नफरत फैलाना नहीं, बल्कि लोगों के बीच प्रेम और करुणा बनाए रखना है। दिपके ने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर उन लोगों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए, जिन्हें हम व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। उन्होंने यह भी कहा कि भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत है। उनके मुताबिक, मुश्किल हालात के बावजूद वे अपने साथियों के प्रति विश्वास बनाए रखेंगे और नफरत को अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगे।
सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ी, पुलिस कर रही जांच
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ा दी है। अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले को अपराध शाखा के पास भी भेजा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं। इनमें सरकारी आदेश का उल्लंघन, अनधिकृत प्रवेश, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने, चोट पहुंचाने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। इन आरोपों की जांच जारी है। वहीं, दिपके ने उम्मीद जताई कि जेल से बाहर आने के बाद उनके साथी पहले की तरह मुस्कुराते हुए अपने विचारों और अहिंसा के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।
Read more-दुल्हनों ने ऐसा क्या कह दिया कि हेलीकॉप्टर से ससुराल पहुंचे दो सगे भाई, खर्चा जानकर उड़ जाएंगे होश








