छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक साल का मासूम बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी उसकी नजर पास में पड़े एक पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पड़ी। बच्चे ने उसे खिलौना समझकर उठा लिया और उससे खेलने लगा। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि खेल-खेल में उठाई गई यही चीज कुछ ही मिनटों में उसकी जिंदगी छीन लेगी। घटना प्रेमनगर विकासखंड के ब्रह्मपुर गांव की बताई जा रही है। परिवार के लोग अपने काम में व्यस्त थे और बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
बैटरी में विस्फोट होते ही मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, बच्चे के हाथ लगी पुरानी मोबाइल बैटरी किसी तरह आग या गर्मी के संपर्क में आ गई। इसके बाद अचानक उसमें जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास खेल रहे बच्चे घबरा गए और वहां से भाग निकले। धमाके की चपेट में आया मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। उसके चेहरे, पेट, सीने और हाथों पर गहरी चोटें और जलन के निशान पड़ गए। हादसे के समय उसकी मां घर के बाहर किसी काम से गई हुई थी। जैसे ही उन्हें धमाके की आवाज सुनाई दी, वह दौड़कर मौके पर पहुंचीं। वहां अपने बेटे को गंभीर हालत में देखकर उनके होश उड़ गए। गांव के लोगों ने भी तुरंत मदद की और बच्चे को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
इलाज के लिए कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान
परिजन बच्चे को पहले नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने मासूम को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है। जिस बच्चे की किलकारियां कुछ समय पहले तक पूरे घर में गूंज रही थीं, उसकी अचानक मौत ने सभी को भावुक कर दिया है।
ई-वेस्ट की लापरवाही बन रही हादसों की वजह
इस हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट के खतरे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मोबाइल बैटरियां, चार्जर, तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खुले में फेंकना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। खासकर बच्चों के लिए यह सामान किसी खिलौने जैसा दिखता है और वे अनजाने में उसके साथ खेलने लगते हैं। ऐसे में बैटरी फटने, आग लगने या जहरीले पदार्थों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाए और बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाए। सूरजपुर की यह घटना सभी अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी कभी-कभी अपूरणीय नुकसान का कारण बन सकती है।








