उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज में कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। शहर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमीन के एक पुराने विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि दिनदहाड़े एक वरिष्ठ वकील को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर को दो पक्षों के बीच जमीन कब्जाने और वहां लगे ताले को तोड़े जाने को लेकर तीखी झड़प शुरू हुई थी। यह विवाद कुछ ही पलों में इतना बढ़ गया कि ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस अचानक हुए हमले में वकील सतीश चंद्र श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे इलाके में दशहत का माहौल है और पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
विवादित जमीन का ताला तोड़ना बना मौत की वजह, सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हमलावर
यह पूरा खूनी घटनाक्रम गुरुवार दोपहर का है जब आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ एक विवादित भूखंड पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने वहां वकील सतीश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा लगाए गए ताले को जबरन तोड़ दिया। जब इस अवैध कृत्य का विरोध किया गया, तो दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें सतीश चंद्र श्रीवास्तव गोली लगने से जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संघर्ष में कुछ अन्य लोग भी घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चेहरे पर कपड़ा बांधे यानी मुंह बांधे हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद किस तरह बेखौफ होकर मौके से फरार हो रहे हैं।
पुलिस पर गंभीर आरोप और एसआरएन अस्पताल के बाहर वकीलों का उग्र प्रदर्शन
घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी ने पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति की हत्या पुलिस की मौजूदगी और आंखों के सामने की गई है। इस हत्या से गुस्साए परिजनों और बड़ी संख्या मेंकी अधिवक्ताओं ने एसआरएन (राजा स्वरूप रानी नेहरू) अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव को रखकर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की और मांग की कि सभी नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए। स्थिति की नज़ाकत को भांपते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और अधिकारियों ने काफी मशक्कत तथा सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद वकीलों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका।
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी कई टीमें
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रयागराज शहर के डीसीपी सागर जैन ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पड़ोसी के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर सिविल और आपसी विवाद चल रहा था, जो अंततः इस बड़ी त्रासदी में बदल गया। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, सामने आए सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाकी बचे फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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