बिहार के चर्चित विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) क बार फिर गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज क्षेत्र का है, जहां एक उपनयन (जनेऊ) संस्कार के दौरान हुई गतिविधियों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। 2 और 3 अप्रैल को सेमराव गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। शुरुआत में यह एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन था, लेकिन बाद में सामने आए वीडियो ने इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल दी। अब यह मामला सिर्फ सामाजिक नहीं बल्कि कानूनी और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिसमें पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है।
वायरल वीडियो ने खोली परतें
कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर नर्तकियों का डांस और अश्लीलता दिखाई गई। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मंच पर ऑर्केस्ट्रा चल रहा है और कई लोग बैठकर उसका आनंद ले रहे हैं, जिनमें अनंत सिंह भी नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में कई लोग भोजपुरी गानों पर नाचते हुए हाथों में हथियार लहरा रहे हैं। इन हथियारों में लाइसेंसी और अवैध दोनों तरह के हथियार होने की बात कही जा रही है। इन दृश्यों ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई और FIR में नामजद लोग
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। साइबर सेल की टीम ने वायरल वीडियो का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर अब तक 9 लोगों की पहचान कर ली गई है। मीरगंज थाने में दर्ज एफआईआर में अनंत सिंह के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय, गुंजन राय और अन्य लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। आर्म्स एक्ट और अश्लीलता से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है, जिससे गिरफ्तारी की संभावना भी बढ़ गई है।
बाहुबली नेताओं पर बढ़ता दबाव और राजनीतिक असर
गोपालगंज में यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी बाहुबली नेता पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले कुचायकोट क्षेत्र से जुड़े एक अन्य विधायक पर भी जमीन कब्जाने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को लेकर यह माना जा रहा है कि प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है। अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज इस केस से उनके समर्थकों में भी हलचल है और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या इस मामले में और बड़े खुलासे होते हैं।
Read More-बंगाल के नतीजों के बाद बदले समीकरण? बांग्लादेश ने जताई नई उम्मीद, ढाका से आया बड़ा मैसेज








