Thursday, February 26, 2026

अक्षर-सैमसन की एंट्री तय? जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में होंगे बड़े बदलाव!

Ind vs Zim: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-6 चरण में भारतीय टीम गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, लेकिन यह मुकाबला सिर्फ एक लीग मैच नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में बने रहने की जंग बन चुका है। पिछली हार के बाद टीम का नेट रन रेट काफी गिर गया है, जिससे अब केवल जीत काफी नहीं होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत जरूरी हो गई है।

भारतीय टीम की कमान इस टूर्नामेंट में सूर्यकुमार यादव के हाथों में है। टीम प्रबंधन पर अब सबसे बड़ा दबाव सही प्लेइंग इलेवन चुनने का है। बल्लेबाजी क्रम, ऑलराउंडर संतुलन और स्पिन-तेज गेंदबाजी संयोजन—हर पहलू पर गहन चर्चा चल रही है। मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां की पिच आम तौर पर स्पिन और संतुलित बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है। अगर भारत को सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखनी है, तो यह मैच हर हाल में जीतना होगा और वह भी प्रभावशाली अंदाज में।

क्या बदलेगा ओपनिंग ऑर्डर? सैमसन की एंट्री पर नजर

सबसे बड़ा सवाल ओपनिंग जोड़ी को लेकर है। अभिषेक शर्मा का बल्ला इस टूर्नामेंट में खामोश रहा है। लगातार चार पारियों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, जिससे टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्पों पर विचार करने की स्थिति बनी है। ऐसे में संजू सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल करने की चर्चा तेज हो गई है।

संभावना है कि सैमसन को टॉप ऑर्डर में मौका दिया जाए या उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजकर बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन लाया जाए। एक और विकल्प यह हो सकता है कि सूर्यकुमार को नंबर तीन पर भेजा जाए और बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या को संतुलित किया जाए।

ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए हैं, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से निरंतर सहयोग नहीं मिला। ऐसे में टीम संतुलन के लिए एक दाएं हाथ के बल्लेबाज को ऊपर लाना रणनीतिक फैसला हो सकता है।

 तिलक पर संकट, अक्षर की वापसी से संतुलन

मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा का प्रदर्शन भी चिंता का विषय बना हुआ है। पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट टी20 मानकों के हिसाब से धीमा माना जा रहा है। टीम के पास रिंकू सिंह जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो अंत के ओवरों में तेजी से रन बना सकते हैं।

गेंदबाजी में हालांकि भारत मजबूत नजर आ रहा है। जसप्रीत बुमराह शानदार लय में हैं, जबकि अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती भी असरदार रहे हैं। इस मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। उनकी मौजूदगी से टीम को बैटिंग और बॉलिंग दोनों में संतुलन मिलेगा।

अक्षर की वापसी का मतलब यह हो सकता है कि वॉशिंगटन सुंदर को बाहर बैठना पड़े। चेपॉक की पिच स्पिनरों को मदद देती है, इसलिए दो से तीन स्पिन विकल्प रखना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।

जिम्बाब्वे की चुनौती और भारत की संभावित प्लेइंग 11

जिम्बाब्वे की कप्तानी सिकंदर रजा कर रहे हैं। उनकी टीम की ताकत तेज गेंदबाजी मानी जा रही है। ब्लेसिंग मुजारबानी और रिचर्ड नगारवा नई गेंद से उछाल और गति पैदा कर सकते हैं। हालांकि स्पिन विभाग में उनके पास अनुभव है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने उन्हें अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।

टी20 इंटरनेशनल में भारत का रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के खिलाफ मजबूत रहा है, लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट की परिस्थितियां अलग हैं। भारत को इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत, स्थिर मध्यक्रम और अनुशासित गेंदबाजी की जरूरत होगी।

भारत की संभावित प्लेइंग 11:
संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा/रिंकू सिंह, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती।

यह मुकाबला शाम 7 बजे से शुरू होगा और भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर बदलाव सही साबित हुए, तो भारत वापसी कर सकता है—वरना सेमीफाइनल की राह बेहद कठिन हो जाएगी।

 

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