ओवल ऑफिस में आंखें बंद कर बैठे ट्रंप… कंधों पर पादरियों का हाथ, आखिर इस वायरल तस्वीर के पीछे क्या है पूरी कहानी?

अमेरिका और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक तस्वीर ने अचानक सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा छेड़ दी है। इस तस्वीर में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनकी आंखें बंद हैं और सिर झुका हुआ है, जबकि उनके आसपास खड़े कई ईसाई पादरी उनके कंधों पर हाथ रखकर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गई। कुछ लोगों ने इसे आस्था और विश्वास की ताकत बताया, जबकि कई लोगों ने इसे राजनीतिक संदेश देने वाला कदम कहा। तस्वीर को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

तनाव के माहौल में हुई प्रार्थना सभा

रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना व्हाइट हाउस के प्रसिद्ध Oval Office में हुई एक खास प्रार्थना सभा के दौरान की है। उस समय दुनिया की नजर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर थी, जहां United States और Iran के बीच हालात काफी संवेदनशील बने हुए थे। इसी बीच कुछ ईसाई धार्मिक नेताओं और पादरियों को व्हाइट हाउस बुलाया गया, जहां उन्होंने देश और उसके नेतृत्व के लिए प्रार्थना की। प्रार्थना के दौरान पादरियों ने ट्रंप के कंधों पर हाथ रखकर उनके लिए ईश्वर से मार्गदर्शन और शक्ति की कामना की। बताया जा रहा है कि इस दौरान देश की सुरक्षा, सैनिकों की सलामती और विश्व शांति के लिए भी प्रार्थना की गई।

ट्रंप ने भी जताई अपनी धार्मिक आस्था

इस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से अपनी धार्मिक आस्था का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में विश्वास और आध्यात्मिक ताकत लोगों को सही दिशा देती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को चुनौतियों का सामना करते समय ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए। उनके मुताबिक जब देश मुश्किल दौर से गुजर रहा होता है, तब प्रार्थना लोगों को एकजुट करने और उम्मीद बनाए रखने का काम करती है। ट्रंप लंबे समय से अमेरिका के ईवेंजेलिकल ईसाई समुदाय के बीच लोकप्रिय रहे हैं और कई बार उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर अपनी आस्था का जिक्र किया है। यही कारण है कि इस प्रार्थना सभा को कई लोग उनके धार्मिक समर्थकों के साथ जुड़ाव का प्रतीक भी मान रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस

इस घटना की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है और यह सिर्फ एक धार्मिक प्रार्थना का पल था। उनका मानना है कि किसी भी नेता का ईश्वर में विश्वास रखना सामान्य बात है। वहीं आलोचकों का कहना है कि सरकार और धर्म को इस तरह सार्वजनिक मंच पर जोड़ना ठीक नहीं है। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यह घटना राजनीतिक संदेश देने का एक तरीका भी हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। फिलहाल यह तस्वीर इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

Read More-मिसाइल लॉन्चर तबाह… फिर भी झुका नहीं ईरान’, मंत्री की चेतावनी- ‘आखिरी गोली तक…’

 

 

Hot this week

क्या किसी बड़े खतरे का संकेत? ईरान के बंदर अब्बास में आया भूकंप

ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास में शनिवार को...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img