Hathras News: एक ओवरटेक की कोशिश और 6 मौतें… तड़के 4 बजे एक्सप्रेसवे पर मचा कोहराम

Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने छह परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। सुबह करीब 4 बजकर 20 मिनट पर यमुना एक्सप्रेसवे पर सादाबाद थाना क्षेत्र के हरिया गढ़ी गांव के पास डबल डेकर स्लीपर बस ने एक वैन को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन महिलाओं समेत छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई। आसपास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

यह हादसा उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग नींद में थे और सड़क पर ट्रैफिक कम था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस चालक वैन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई।

दिल्ली से धौलपुर जा रहा था परिवार

पुलिस के अनुसार वैन में कुल 16 लोग सवार थे, जो दिल्ली के प्रेम नगर इलाके से राजस्थान के धौलपुर की ओर जा रहे थे। ये सभी लोग अलग-अलग परिवारों से थे और किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।

मृतकों की पहचान दिनेश (50), उनकी पत्नी सुनीता (48), विजय बघेल (27), उनकी पत्नी पिंकी बघेल (26), लोकेश (35) और नाथू देवी (65) के रूप में हुई है। सभी मृतक दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं।

हादसे में छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चों को इलाज के लिए SN Medical College भेजा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक दो बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर है, जबकि अन्य का उपचार जारी है।

वैन का चालक सुरक्षित बताया जा रहा है। हालांकि उससे भी पूछताछ की जा रही है ताकि दुर्घटना के कारणों का सही पता लगाया जा सके।

बस चालक समेत तीन गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक, परिचालक और ऑपरेटर को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया। बस मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वाहन की फिटनेस और चालक के लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेज सही थे या नहीं।

अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह ने बताया कि हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया।

बढ़ते हादसे और सड़क सुरक्षा पर सवाल

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी और सीधी सड़क होने के कारण चालक अक्सर गति पर नियंत्रण खो देते हैं।

इस ताजा हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक्सप्रेसवे पर गति सीमा का सख्ती से पालन हो रहा है? क्या वाहनों की नियमित जांच हो रही है? और क्या चालकों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है?

छह लोगों की असमय मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में हादसे की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

यह हादसा याद दिलाता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियां छीन सकती है। सावधानी और नियमों का पालन ही ऐसे दुखद हादसों को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।

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