पितृ पक्ष 2025 की शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है और 21 सितंबर तक चलेगी। यह समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण जैसे कर्मों के लिए समर्पित होता है। इस दौरान कई धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन किया जाता है, लेकिन खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को इन 15 दिनों में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
पितृ पक्ष में गर्भवती महिलाएं ये गलतियां न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान तामसिक भोजन जैसे मांसाहार, लहसुन-प्याज, अधिक तला-भुना खाना पूरी तरह वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को इन चीजों से दूरी बनाए रखनी चाहिए और केवल सात्विक भोजन का ही सेवन करना चाहिए। सात्विक आहार न केवल शरीर को शांत रखता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी अनुकूल होता है।
श्राद्ध का भोजन न छुएं, न खाएं
पितृ पक्ष के दौरान जो भोजन पितरों के लिए बनाया जाता है, उसे गर्भवती महिलाओं को न तो छूना चाहिए और न ही खाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा गर्भस्थ शिशु पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, पिंडदान या श्राद्ध स्थल पर जाने से भी परहेज करना चाहिए।
इस बार दो ग्रहण, दोगुनी सतर्कता जरूरी
2025 के पितृ पक्ष की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत और अंत दोनों दिन ग्रहण लगेगा। 7 सितंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण और 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। शास्त्रों में ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस दौरान घर से बाहर न निकलें, पेट पर गेरु लगाएं और नुकीली चीजों से दूरी बनाकर रखें।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। News India इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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