रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना और दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों के लिए राजस्थान से राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के छिड़काव को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता दे रही है। इस पहल का उद्देश्य खेती की लागत कम करने के साथ किसानों को नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत निर्धारित खर्च का आधा हिस्सा सरकार देगी, जबकि बाकी राशि किसान को वहन करनी होगी। खास बात यह है कि पात्र किसानों को मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे किसानों को सहायता राशि पाने में आसानी होगी। यह योजना राजस्थान सरकार की बजट घोषणा 2026-27 के तहत संचालित की जा रही है।
नैनो यूरिया और डीएपी पर कितने रुपये मिलेंगे?
योजना में दोनों तरह के नैनो उर्वरकों के लिए अलग-अलग खर्च और सहायता राशि तय की गई है। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर के मुताबिक, नैनो यूरिया के छिड़काव पर प्रति हेक्टेयर 2,000 रुपये की लागत निर्धारित है। इसमें सरकार की ओर से 1,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, नैनो डीएपी के इस्तेमाल पर प्रति हेक्टेयर 2,900 रुपये का खर्च तय किया गया है। इसके लिए पात्र किसान को 1,450 रुपये की सहायता मिल सकती है। यानी दोनों ही मामलों में निर्धारित लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। हालांकि, किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सहायता योजना की शर्तों और सत्यापन के आधार पर मिलेगी। इसलिए छिड़काव शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग से मौजूदा नियमों की जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा।
गेहूं से सरसों तक इन फसलों के किसान उठा सकते हैं लाभ
राजस्थान की इस योजना में रबी सीजन की कई प्रमुख फसलों को शामिल किया गया है। इनमें गेहूं, जौ, सरसों, चना और जीरा जैसी फसलें शामिल हैं। योजना के तहत एक किसान न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर और अधिकतम 10 हेक्टेयर क्षेत्र में नैनो खाद के छिड़काव के लिए सहायता ले सकता है। गांवों में कम से कम 10 किसानों का समूह बनाकर भी इस पहल को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग का तरीका समझने और नई तकनीक के बारे में जानकारी हासिल करने का मौका मिलेगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिले में 680 हेक्टेयर क्षेत्र में नैनो यूरिया और 476 हेक्टेयर क्षेत्र में नैनो डीएपी के छिड़काव का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, पात्रता और लाभ की अंतिम पुष्टि संबंधित कृषि अधिकारियों से करना जरूरी है।
कैसे मिलेगा पैसा? छिड़काव से लेकर जांच तक जानें पूरी प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान बैटरी से चलने वाली स्प्रे मशीन, पीठ पर टांगने वाले पंप, ट्रैक्टर से जुड़ी मशीन या ड्रोन की मदद से खेतों में छिड़काव करा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रति हेक्टेयर एक बार छिड़काव के लिए 2.5 बोतल नैनो खाद का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, सही मात्रा और इस्तेमाल का तरीका फसल तथा उत्पाद के निर्देशों के अनुसार तय किया जाना चाहिए। छिड़काव कृषि विभाग के कर्मचारियों की निगरानी में कराया जाएगा। इसके बाद अधिकारी खेत का निरीक्षण कर यह सत्यापित करेंगे कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम हुआ है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद पात्र किसानों की सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इच्छुक किसान आवेदन, जरूरी दस्तावेज और अपने क्षेत्र में योजना लागू होने की जानकारी के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय या कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क करें।
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