हाल ही में मुंबई के जुहू इलाके में जो कुछ हुआ, उसने पूरे बॉलीवुड और खेल जगत को सकते में डाल दिया है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए अचानक हमले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस डरावनी घटना का एक ऐसा खौफनाक सच सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। जाने-माने अभिनेता और क्रिकेट होस्ट समीर कोचर ने इस पूरी घटना का आंखों देखा हाल बयां किया है। समीर अपनी बेटी सारा का नौवां जन्मदिन जुहू के एक फुटबॉल ग्राउंड में मना रहे थे, जहां यह सनसनीखेज वारदात घटी।
जब टाइगर श्रॉफ ने ठुकरा दिया केक, और कुछ ही मिनटों बाद गूंज उठीं गोलियां
समीर कोचर ने एक बातचीत में बताया कि यह रविवार उनकी जिंदगी का सबसे भयानक दिन बन गया। उसी ग्राउंड के बगल वाले हिस्से में टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेल रहे थे। पार्टी के दौरान टाइगर और उनकी पूरी टीम अंदर आई थी। उन्होंने बर्थडे मना रही छोटी बच्ची सारा से मुलाकात की, बच्चों के साथ वक्त बिताया और तस्वीरें खिंचवाईं। माहौल बेहद खुशनुमा था। समीर ने शिष्टाचार निभाते हुए टाइगर को कुछ खाने या केक खाने का आग्रह किया, लेकिन फिटनेस फ्रीक टाइगर हमेशा की तरह अपनी सख्त डाइट के चलते कुछ भी खाने से मना कर दिया और अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए।
पटाखे समझे या मौत का पैगाम? महज 30 सेकंड में चीख-पुकार में बदली पार्टी की रौनक
किसी को भी इस बात का आभास नहीं था कि कुछ ही पलों में यह खुशी मातम और खौफ में बदलने वाली है। टाइगर की गाड़ी अभी ग्राउंड से थोड़ी ही दूर निकली थी कि अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। त्योहारों का सीजन होने के कारण शुरुआत में किसी को समझ ही नहीं आया कि यह गोलियां हैं या किसी ने पटाखे छोड़े हैं। लेकिन महज 30 सेकंड के भीतर बाहर गेट पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार मच गई। लोग चिल्लाने लगे कि टाइगर श्रॉफ पर गोलियां बरसाई गई हैं। यह सुनते ही पार्टी में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों के चेहरों पर खौफ साफ झलकने लगा।
बच्चों को संभाला और पुलिस स्टेशन दौड़े लोग, 5 साल से खेल रहे ग्रुप पर अचानक टूटा कहर
अचानक मची इस भगदड़ और दहशत के बीच बड़ों ने तुरंत मोर्चा संभाला। बच्चों को सुरक्षित रखने और उन्हें शांत कराने का जिम्मा उठाया गया, क्योंकि कई बच्चों के माता-पिता अभी तक वहां नहीं पहुंचे थे। गनीमत यह रही कि टाइगर श्रॉफ इस हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि इस गोलीबारी में उनके ड्राइवर को चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद बंटी सजदेह स्थिति संभालने के लिए पुलिस स्टेशन गए और फिर टाइगर के पास पहुंचे। पिछले 5-6 साल से हर रविवार फुटबॉल खेलने वाला यह ग्रुप कभी सोच भी नहीं सकता था कि उनके सुकून भरे संडे का अंत इस तरह के खौफनाक मंजर के साथ होगा।







