कर्नाटक के विजयपुर जिले में एक व्यक्ति की मौत के मामले ने पुलिस को चौंका दिया। जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और अन्य लोगों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। मृतक की पहचान 42 वर्षीय राजशेखर बिरादर के रूप में हुई है। 4 अक्टूबर को विजयपुर शहर के बाहरी इलाके में चिदंबर मंदिर रोड के पास उनका शव मिला था। शुरुआत में मामला सड़क हादसे का लग रहा था। राजशेखर की पत्नी अश्विनी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि राजशेखर ने करीब सात महीने पहले एकतानगर इलाके में नया घर बनवाया था। यहां पेंटिंग का काम करने के लिए 25 वर्षीय आनंद कल्लूर को बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आनंद और अश्विनी की पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। राजशेखर और अश्विनी की शादी करीब दस साल पहले हुई थी और उनके छह साल के जुड़वां बेटे भी हैं।
मॉर्निंग वॉक की जानकारी का कथित तौर पर उठाया फायदा
पुलिस का आरोप है कि अश्विनी अपने पति की दिनचर्या के बारे में आनंद को जानकारी देती थी। राजशेखर रोज सुबह किस समय टहलने निकलते हैं, इस बात की जानकारी भी कथित रूप से साझा की गई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसी जानकारी के आधार पर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई। आरोप है कि घटना वाले दिन आनंद अपने साथियों के साथ नंबर प्लेट के बिना काली स्कॉर्पियो में राजशेखर पर नजर रख रहा था। सुबह टहलने के दौरान वाहन से उन्हें टक्कर मारी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। शुरुआत में पुलिस को आशंका थी कि किसी अज्ञात वाहन ने राजशेखर को टक्कर मारी है। लेकिन आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले। इसके बाद जांच का रुख सड़क हादसे से हत्या की साजिश की ओर मुड़ गया।
पत्नी और प्रेमी समेत चार लोगों पर कार्रवाई, CCTV से खुला राज
पुलिस ने इस मामले में अश्विनी बिरादर (30), आनंद कल्लूर (25) और सचिन बडाली (24) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और विवाहेतर संबंध को कथित हत्या की साजिश के पीछे की वजह माना जा रहा है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देकर आरोपियों ने बच निकलने की योजना बनाई थी। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस आगे की जांच में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि किसी संदिग्ध मौत की जांच में CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूत कितने अहम साबित हो सकते हैं।
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