Gwalior Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। अब इस घटना को लेकर राहत और बचाव के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की जांच पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को मिलेगी आर्थिक मदद
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से रविवार, 18 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के जरिए हादसे पर शोक व्यक्त किया गया। पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं, दुर्घटना में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस घोषणा से प्रभावित परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
Distressed to learn about the loss of lives due to a mishap in Gwalior, Madhya Pradesh. My condolences to the bereaved families. Praying for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each of those who lost their lives. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 18, 2026
बैरिकेड तोड़कर मंदिर मार्ग पर पहुंचा ट्रक
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हादसा उस समय हुआ, जब नवरात्रि के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जा रहे थे। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, छिनोर की ओर से आ रहा धान से लदा ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंच गया। इस सड़क पर ढलान होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक थी। बताया गया कि ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़कर बेकाबू हुआ और नीचे की ओर बढ़ते हुए मंदिर के बाहरी गेट तथा दीवार से टकरा गया। इस दौरान सड़क पर मौजूद कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद राहत कार्य चलाया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और दुर्घटना की असली वजह क्या थी।
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