आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी परेशानियों के लिए भी दवाओं का सहारा लेते हैं, वहीं अल्बानिया की 117 वर्षीय कामिले मारा अपनी जिंदगी को लेकर एक अलग ही कहानी पेश करती हैं। उनका दावा है कि उन्होंने कभी दवा नहीं ली और न ही उन्हें डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ी। कामिले का जन्म 19 अगस्त 1909 को हुआ था। उनके पास जन्म प्रमाण पत्र, पुराना पासपोर्ट और पहचान पत्र जैसे दस्तावेज भी हैं, जिनमें उनकी जन्मतिथि दर्ज है। हालांकि, दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला का आधिकारिक खिताब अभी ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम के नाम है। कामिले की उम्र उनसे दो दिन अधिक होने का दावा किया जा रहा है। उनके परिवार ने इस संबंध में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी संपर्क किया है। लेकिन कामिले के लिए रिकॉर्ड से ज्यादा अहम अपनी जिंदगी को खुशी से जीना है।
दवा के बिना कैसे गुजारे जिंदगी के 117 साल?
कामिले मारा अल्बानिया के फेरास इलाके में रहती हैं। उनका अधिकांश जीवन गांव में बीता, जहां वह खेती करती थीं, अनाज उगाती थीं और पशुओं की देखभाल करती थीं। उनके बेटे के मुताबिक, कामिले की सेहत अब भी अच्छी है और उन्होंने कभी दवाओं का सहारा नहीं लिया। हालांकि, उनकी लंबी उम्र का कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कारण सामने नहीं आया है। कामिले का मानना है कि इंसान उतने ही दिन जीवित रहता है, जितने उसके लिए ईश्वर ने तय किए हैं। वह अपनी जिंदगी को खूबसूरत मानती हैं और प्रकृति के करीब रहना पसंद करती हैं। उनकी कहानी से यह जरूर पता चलता है कि उन्होंने अपना जीवन सादगी के साथ बिताया, लेकिन केवल इसी वजह से लंबी उम्र मिलने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सात बच्चों की मां, परिवार की पांच पीढ़ियों को देखा
कामिले मारा ने अपने जीवन में कई बड़े ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। उनका जन्म उस दौर में हुआ था, जब अल्बानिया में ओटोमन शासन का प्रभाव समाप्त हो चुका था और आगे चलकर देश ने युद्ध तथा राजनीतिक बदलावों का लंबा दौर देखा। उनके पति का निधन करीब 36 साल पहले हो गया था। दोनों की शादी परिवार की सहमति से हुई थी और उनके सात बच्चे हुए। आज कामिले अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को बड़ा होते देख चुकी हैं। पुराने दिनों को याद करते हुए वह भावुक भी हो जाती हैं। उनके पास जवानी की करीब 100 साल पुरानी एक तस्वीर है, जिसमें वह 18 साल की उम्र में नजर आती हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी परिवार के सदस्यों से बातचीत उनके चेहरे पर मुस्कान ले आती है।
दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला होने का दावा कितना सही?
कामिले की जन्मतिथि कई सरकारी दस्तावेजों में 19 अगस्त 1909 दर्ज है। उनके परिवार का दावा है कि वह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज सबसे बुजुर्ग जीवित महिला एथेल कैटरहैम से दो दिन बड़ी हैं। हालांकि, इस दावे को आधिकारिक मान्यता मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। 110 साल से अधिक उम्र के लोगों की वास्तविक उम्र प्रमाणित करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होती है। कामिले को फिलहाल इस बात की खास चिंता नहीं है कि उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होगा या नहीं। उनके लिए जिंदगी का आनंद लेना, परिवार के साथ समय बिताना और पुरानी यादों को संजोना ही सबसे बड़ी बात है।
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