मेरठ ब्लू ड्रम मर्डर केस: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद मृतक की मां रेणु देवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि परिवार को आखिरकार इंसाफ मिल गया है और वह अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। हालांकि, इस मामले में उनका एक बयान खास चर्चा में है। रेणु देवी ने मुस्कान की बड़ी बेटी को अपने पास रखने की इच्छा जताई, लेकिन इसके लिए एक शर्त भी रखी। उन्होंने साफ किया कि अगर बच्ची के नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के सौंप देते हैं, तो वह उसे अपनाने के लिए तैयार हैं। वहीं, जेल में बंद छोटी बेटी से उन्होंने कोई संबंध नहीं रखने की बात कही है।
अदालत के फैसले से संतुष्ट सौरभ की मां, बोलीं- हमें इंसाफ मिल गया
मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ की मां रेणु देवी ने राहत जताई। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से बेहद खुश हैं और लंबे समय से जिस न्याय की उम्मीद कर रही थीं, वह उन्हें मिल गया है। रेणु देवी ने अदालत के प्रति आभार जताते हुए उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार का साथ दिया। उन्होंने अपने वकीलों, सहयोगियों और मामले से जुड़े लोगों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। उनके मुताबिक, परिवार ने अपने बेटे को खोने का जो दर्द सहा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है। इस मामले ने लंबे समय तक लोगों का ध्यान खींचा था और फैसले का इंतजार कर रहे परिवार को अब अदालत के निर्णय से राहत मिली है।
मुस्कान की बड़ी बेटी को अपनाने के लिए तैयार, लेकिन रखी यह शर्त
रेणु देवी के बयान में सबसे अहम बात मुस्कान की दोनों बेटियों को लेकर सामने आई। उन्होंने कहा कि बड़ी बेटी को अपने पास रखने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बच्ची के नाना-नानी को उसे बिना किसी शर्त के सौंपना होगा। अगर ऐसा होता है, तो वह उसे अपने परिवार में जगह देने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, छोटी बेटी को लेकर उन्होंने अलग रुख अपनाया। रेणु देवी ने कहा कि जेल में बंद बेटी से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके इस बयान के बाद परिवार और बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, बड़ी बेटी को अपनाने की बात फिलहाल रेणु देवी की इच्छा और शर्त पर आधारित है। बच्ची की देखभाल, उसके हित और भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय में संबंधित परिवार की सहमति तथा लागू कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इस पूरे मामले में बच्चों के हितों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है।
मार्च 2025 में सामने आया था नीला ड्रम हत्याकांड, जांच में खुलीं कई परतें
मेरठ का यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। मर्चेंट नेवी में काम कर चुके सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनका शव घर में रखे नीले प्लास्टिक के ड्रम से बरामद किया गया था। पुलिस की जांच में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर मिलकर हत्या करने तथा सबूत छिपाने के आरोप सामने आए। जांच के मुताबिक, वारदात 3 मार्च 2025 को हुई थी। आरोप था कि शव को ड्रम में छिपाने के लिए सीमेंट, रेत और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया गया, ताकि घटना का पता न चल सके। इसके बाद दोनों के हिमाचल प्रदेश जाने की बात भी जांच में सामने आई। करीब दो सप्ताह बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने के कारण यह मामला देशभर में ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हो गया। लंबी सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई। अब फैसले के बाद सौरभ के परिवार की प्रतिक्रिया और बेटियों को लेकर रेणु देवी का बयान इस मामले का नया चर्चा का विषय बन गया है।
Read more-सरकारी नौकरी का झांसा और दहेज के ताने… शादी के सिर्फ 4 महीने बाद ही क्यों उजड़ गई संजना की मांग?







