लखनऊ में लगातार बढ़ रही गोमती नदी का जलस्तर अब धार्मिक स्थलों और रिहायशी इलाकों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। गोमती का पानी हनुमंत धाम परिसर में पहुंच गया है। यहां लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में करीब डेढ़ फीट पानी भर गया है। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है। इससे पहले वर्ष 2006 में गोमती का पानी गर्भगृह तक पहुंचा था। मंदिर परिसर के गोमती की तरफ वाले हिस्से में पूरी तरह जलभराव हो गया है और पीछे का गेट भी बंद कर दिया गया है।
मंदिर के साथ आसपास के इलाकों में भी बढ़ी परेशानी
गोमती का पानी बढ़ने से हनुमंत धाम के साथ शनि देव मंदिर परिसर में भी पानी भर गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गोमती रिवर फ्रंट के दोनों ओर बने पाथवे तक पानी पहुंच चुका है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए फूड वैली को भी बंद कर दिया है। मंदिर के पुजारी विनोद तांगड़ी के मुताबिक, पानी लगातार बढ़ रहा है और अब हनुमान जी के चरणों तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि मंदिर में चल रही रामकथा के पंडाल तक भी पानी पहुंच गया है। करीब छह दिन पहले जब पंडाल तैयार किया जा रहा था, तब नदी का पानी उससे काफी दूर था, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल गई है।
फैजुल्लागंज और घैला में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित
गोमती का बढ़ता जलस्तर हनुमंत धाम तक सीमित नहीं है। डाउनस्ट्रीम के फैजुल्लागंज, घैला समेत कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि बारिश रुके कई दिन बीतने के बावजूद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पुजारी विनोद तांगड़ी ने नदी की मौजूदा स्थिति को लेकर पर्यावरण और नदियों के प्रति लापरवाही को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि नदी में बड़ी संख्या में नाले गिर रहे हैं और कचरा भी पहुंच रहा है। उनके मुताबिक, प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का असर अब लोगों को झेलना पड़ रहा है।
पानी और बढ़ा तो गर्भगृह से बाहर होगी पूजा
मंदिर प्रबंधन ने जलस्तर और बढ़ने की स्थिति के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पुजारी के अनुसार, फिलहाल गर्भगृह में पानी होने के बावजूद पूजा-अर्चना जारी है, लेकिन पानी ज्यादा बढ़ा तो गर्भगृह में प्रवेश बंद किया जा सकता है और मंदिर के बाहर से हनुमान जी की पूजा की जाएगी। वहीं गोमती में नाव चलाकर परिवार चलाने वाले नाविकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण नाव चलाने पर रोक लगा दी गई है। नाविक हरिराम निषाद का कहना है कि अगर पानी जल्द नहीं घटा तो उनके सामने परिवार का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में गोमती का जलस्तर अब लखनऊ के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
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