जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, योगेंद्र यादव हिरासत में; कपिल सिब्बल भी पहुंचे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन 2 अक्टूबर से जारी है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। योगेंद्र यादव की हिरासत के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की घेराबंदी और हिरासत के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

 योगेंद्र यादव बोले—मांग पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध

हिरासत के दौरान सामने आए एक वीडियो में योगेंद्र यादव पुलिसकर्मियों के साथ जाते दिखाई देते हैं। वीडियो में वह ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए अपनी बात रखते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यादव ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से इस अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता। हालांकि, हिरासत के संबंध में पुलिस का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण भी प्रदर्शन में पहुंचे

जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के साथ प्रशांत भूषण तथा अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। योगेंद्र यादव ने साझा किए गए वीडियो में कई वकीलों और युवाओं के साथ जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की बात कही। प्रदर्शन में शामिल लोग SIR की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। इस आंदोलन में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की भागीदारी के कारण मामला चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना उनका अधिकार है।

 मतदाता सूची में नाम कटने का मुद्दा

SIR को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने दिल्ली की एक बस्ती का दौरा किया था, जहां 728 में से 727 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा चर्चा में आया। वहीं, 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच योगेंद्र यादव की हिरासत और कपिल सिब्बल की मौजूदगी ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

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