Nepal Flood: नेपाल में भोटेकोसी नदी और आसपास के इलाकों में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। चीन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक नेपाल में छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास पानी के बहाव से एक बड़ी अवरोधक झील बन गई है। बताया गया है कि गुरुवार सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और पानी इसके ऊपर से बहने लगा है। सबसे बड़ी चिंता आने वाले तीन दिनों को लेकर है। अनुमान है कि इस अवधि में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी झील में पहुंच सकता है। इससे झील के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है और इसके आसपास के इलाकों में एक और बड़ी बाढ़ का जोखिम पैदा हो सकता है।
एस जयशंकर ने बुलाई समीक्षा बैठक
नेपाल में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय की टीम के साथ काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारत के राजदूत भी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, राहत-बचाव अभियान और प्रभावित इलाकों की स्थिति रही। विदेश मंत्रालय नेपाल सरकार और वहां के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। इसके अलावा राज्य सरकारों, दूसरे मंत्रालयों, टूर ऑपरेटरों और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है, ताकि संकट में फंसे भारतीयों तक जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
अचानक आई फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को आई फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों को प्रभावित किया। बताया गया कि भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का रास्ता हिमस्खलन के कारण बाधित हो गया था। पानी का प्राकृतिक बहाव रुकने के बाद अचानक बड़ी मात्रा में पानी आगे बढ़ा, जिससे नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित तिमुरे गांव और आसपास के क्षेत्र प्रभावित हुए। इस घटना की गंभीरता इसलिए भी ज्यादा रही क्योंकि उस समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी। स्थानीय लोगों को अचानक आने वाली बाढ़ का अनुमान नहीं था और वे सामान्य गतिविधियों में व्यस्त थे। देखते ही देखते पानी ने रास्ते, बस्तियों और आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। अब नई बैरियर लेक को लेकर जारी चेतावनी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 47.5 टन राहत सामग्री भेजी
नेपाल में संकट की स्थिति को देखते हुए भारत की ओर से राहत सहायता लगातार भेजी जा रही है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप भेजे जाने के बाद गुरुवार को 37.5 टन की दूसरी खेप रवाना की गई। राहत सामग्री में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने पहली खेप की राहत सामग्री नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। वहीं नेपाल में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नई दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है। सहायता के लिए हेल्पलाइन 011-26772005, व्हाट्सऐप 9818963273 और ईमेल recp1mpbhawan@mp.gov.in जारी किए गए हैं। आने वाले तीन दिन नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और प्रशासन संभावित नए खतरे पर लगातार नजर बनाए हुए है।







