Vande Mataram Controversy: स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ता नजर आ रहा है। पश्चिम बंगाल के नैहाटी से बीजेपी विधायक और राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। उन्होंने 15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर दुख जताते हुए सोनिया गांधी से देशवासियों और खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
‘वंदे मातरम्’ के दौरान सोनिया के व्यवहार पर उठे सवाल
यह विवाद 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत पार्टी के कई नेता मौजूद थे। इसी दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन चल रहा था और सोनिया गांधी कुछ कहती हुई नजर आईं। इसके बाद बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्होंने राष्ट्रगीत को रोकने के लिए कहा। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी कि सोनिया गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कह रही थीं।
बंकिम चंद्र के वंशज ने जताया गहरा दुख
सुमित्रो चटर्जी ने अपने पत्र में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार से उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से जुड़े होने के कारण इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देना वह नैतिक जिम्मेदारी मानते हैं। पत्र में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि यह गीत लंबे समय तक देशभक्ति की भावना का प्रतीक रहा है।
सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की अपील
बीजेपी विधायक ने सोनिया गांधी से पूरे मामले पर आत्ममंथन करने और देशवासियों से माफी मांगने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं का जिक्र किया। चटर्जी का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को लेकर किसी भी तरह का विवाद लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों का सम्मान हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा।
विवाद के बीच सियासत और तेज
‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी ने गीत रोकने के लिए नहीं कहा था। ऐसे में सुमित्रो चटर्जी की चिट्ठी ने विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि सोनिया गांधी या कांग्रेस की ओर से इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
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