Independence Day 2026: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मौजूद रहे। हालांकि, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समारोह में नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
लाल किले के कार्यक्रम में कई बड़े चेहरे रहे मौजूद
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत सरकार के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। ऐसे में राहुल गांधी का समारोह में नहीं पहुंचना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी के कारण को लेकर इस रिपोर्ट में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी और खरगे पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता पिछले कुछ समय से ऐसे कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं। जोशी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हैं तो वह किसी पार्टी के नेता के तौर पर नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में बोलते हैं। उन्होंने विपक्ष से ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील भी की।
बीजेपी प्रवक्ता ने भी राहुल गांधी पर लगाए आरोप
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता से राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में मौजूद रहने की उम्मीद की जाती है। भंडारी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए उनकी देशभक्ति और ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए अनुपयुक्त बताया। हालांकि, ये बीजेपी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं और राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना बाकी है।
राहुल की गैरमौजूदगी बनी राजनीतिक बहस का मुद्दा
स्वतंत्रता दिवस का लाल किला समारोह देश के प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल है, जिसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के नेता भी आम तौर पर नजर आते हैं। ऐसे में राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। बीजेपी इसे लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर आधिकारिक वजह सामने आने पर तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल यह मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के दिन राजनीतिक बयानबाजी का नया केंद्र बन गया है।
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