बचपन का सपना पूरा करने का किया जिक्र
अपने वीडियो में अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने बचपन के दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वह मुंबई के बोरीवली से रोज अभ्यास के लिए लंबा सफर तय करते थे। उस समय उनका सिर्फ एक सपना था कि एक दिन भारत की जर्सी पहनकर देश के लिए खेलेंगे। रहाणे ने कहा कि उन्होंने हमेशा देश को खुद से ऊपर रखा और पूरी ईमानदारी के साथ मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब इंसान पूरी निष्ठा से मेहनत करता है तो खेल भी उसका साथ देता है। उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट सफर को गर्व और सम्मान से भरा बताया।
परिवार, बीसीसीआई और फैंस का जताया आभार
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने सभी कोच, साथी खिलाड़ियों और आईपीएल फ्रेंचाइजियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपनी पत्नी, परिवार और उन करोड़ों फैंस का भी आभार जताया, जिन्होंने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया। इस दौरान वह कई बार भावुक हो गए और कुछ पल के लिए बोल भी नहीं पाए। रहाणे ने कहा कि भले ही उनका इंटरनेशनल क्रिकेट करियर खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। आने वाले समय में वह युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहते हैं और अपने अनुभव उनसे साझा करेंगे।
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शानदार रहा इंटरनेशनल क्रिकेट का सफर
अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) का इंटरनेशनल करियर भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार रहा। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल रहे। वनडे में उनके नाम 2962 रन, 3 शतक और 24 अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि टी20 में उन्होंने 375 रन बनाए। रहाणे ने भारत की कप्तानी भी की और उनकी अगुआई में टीम ने ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की थी। शांत स्वभाव, मजबूत तकनीक और टीम के प्रति समर्पण के कारण वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के खास खिलाड़ियों में गिने जाएंगे।
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