देशभर में NEET परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी बहस के बीच तमिल अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय थलापति की पार्टी ने बड़ा बयान दिया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि NEET परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाए। टीवीके का कहना है कि इस परीक्षा के लागू होने के बाद से हर साल लाखों छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा है और कई युवाओं के सपनों पर असर पड़ा है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को अवसर देना होना चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था बनाना जिससे लगातार तनाव और असमानता पैदा हो। टीवीके का मानना है कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लेते हुए सरकार को व्यापक सुधार करने चाहिए और NEET को समाप्त करने पर विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी की हिरासत पर भी जताई नाराजगी
टीवीके ने केवल परीक्षा व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया जाना चिंताजनक है। टीवीके ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी आंदोलन में लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, तो उनके साथ सख्ती लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती। पार्टी ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि असहमति की आवाज को कानून के दायरे में रहते हुए सुना जाना चाहिए।
தலைநகரில் ஜனநாயகம் நசுக்கப்படுவது வன்மையாகக் கண்டிக்கத்தக்கது!
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— TVK Party HQ (@TVKPartyHQ) July 21, 2026
छात्रों के आंदोलन को लेकर क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में NEET परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए प्रदर्शन किए। प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए धरने में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। बाद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले भी इस आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया। अब विभिन्न राजनीतिक दल इस घटनाक्रम पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग फिर से चर्चा के केंद्र में आ गई है।
राजनीतिक बहस के बीच बढ़ा शिक्षा सुधार का मुद्दा
विजय थलापति की पार्टी के ताजा बयान के बाद NEET परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है। एक ओर कुछ राजनीतिक दल परीक्षा प्रणाली में बदलाव और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ दल इसे पूरी तरह समाप्त करने की वकालत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सभी पक्षों के सुझावों और चिंताओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से टीवीके की नई मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर यह मुद्दा और अधिक चर्चा में रह सकता है।








