2026 महिला टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की टीम एक बार फिर फाइनल की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही बाहर हो गई। लंदन के केनिंगटन ओवल मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 रन से जीत दर्ज की और खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के लिए यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं रही, बल्कि एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में दबाव झेलने की कहानी बन गई। क्रिकेट जगत में लंबे समय से दक्षिण अफ्रीका को ‘चोकर्स’ कहे जाने की चर्चा इस हार के बाद फिर तेज हो गई। टीम कई बार शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट तक पहुंचती है, लेकिन ट्रॉफी जीतने का सपना हर बार अधूरा रह जाता है। इस बार भी उम्मीद थी कि महिला टीम इतिहास बदलेगी, लेकिन सेमीफाइनल की बाधा पार नहीं कर सकी।
इंग्लैंड की बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया
टॉस जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इंग्लैंड की अनुभवी बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 47 गेंदों पर 75 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। वहीं हीथर नाइट ने भी 58 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज शुरुआत में विकेट लेने में सफल जरूर रहे, लेकिन बीच के ओवरों में रन रोकने में नाकाम रहे। यही वजह रही कि इंग्लैंड ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया।
🚨 MATCH RESULT 🚨
The second semi-final comes to an end in London, with England Women claiming victory by 40 runs. 🏟️
A spirited fight from #TheProteas, who pushed until the very end but fall short on the night. 💛💚
Not the result we wanted, but a memorable campaign at the… pic.twitter.com/sPICZt274z
— Proteas Women (@ProteasWomenCSA) July 2, 2026
लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में बिखरी दक्षिण अफ्रीका
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचती नहीं दिखी। सलामी बल्लेबाज तजमिन ब्रिट्स ने 45 गेंदों पर 51 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। लॉरेन बेल और शार्लेट डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। निर्धारित 20 ओवर में टीम 8 विकेट खोकर केवल 129 रन ही बना सकी और 40 रन से मुकाबला हार गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दक्षिण अफ्रीका का अभियान यहीं समाप्त हो गया।
11वीं बार नॉकआउट में हार, अब भी पहली ट्रॉफी का इंतजार
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह हार इसलिए भी ज्यादा निराशाजनक रही क्योंकि पिछले कई वर्षों से टीम लगातार बड़े टूर्नामेंटों के अंतिम चरण तक पहुंच रही है, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो पा रही। साल 1997 के महिला वनडे विश्व कप से लेकर 2026 महिला टी20 विश्व कप तक टीम कुल 11 बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंच चुकी है। इनमें क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले शामिल हैं, लेकिन हर बार ट्रॉफी हाथ से निकल गई। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने 2023 और 2024 के टी20 विश्व कप तथा 2025 के वनडे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल भी खेले, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी। लगातार मिल रही इन हारों ने ‘चोकर्स’ की छवि को और मजबूत किया है। हालांकि टीम के पास युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, इसलिए आने वाले टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका के पास इस रिकॉर्ड को बदलने का एक और मौका जरूर होगा।
Read More-‘हलाला’ के नाम पर क्या हुआ महिला के साथ? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला








