Strait of Hormuz News: दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर चर्चा में है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई चेतावनी जारी की है। ईरानी नौसेना का कहना है कि फिलहाल कोई भी जहाज उसकी अनुमति और तय समुद्री मार्ग का पालन किए बिना इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। यह संदेश रेडियो के जरिए समुद्र में मौजूद जहाजों तक पहुंचाया गया। चेतावनी के बाद कई जहाजों ने आगे बढ़ने के बजाय अपनी दिशा बदल दी और कुछ समय के लिए सुरक्षित दूरी पर रुक गए। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल कारोबार से जुड़े देशों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता माना जाता है।
ईरान ने ओमान के रास्ते पर जताई आपत्ति
ईरान के इस सख्त रुख के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुला है और जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। उनके अनुसार ईरान किसी जहाज से अतिरिक्त शुल्क या टोल नहीं ले रहा है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने ओमान की ओर से बनाए गए अस्थायी समुद्री कॉरिडोर को मानने से इनकार कर दिया। ओमान ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए रास्तों का सुझाव दिया था, लेकिन IRGC ने उन्हें खतरनाक बताते हुए खारिज कर दिया। ईरानी नौसेना ने साफ कहा कि सभी जहाज केवल उसके तय किए गए मार्ग का इस्तेमाल करें। साथ ही चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
चेतावनी के बावजूद बढ़ी जहाजों की आवाजाही
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अनुसार हाल के दिनों में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जून को इस समुद्री मार्ग से कुल 70 जहाज गुजरे, जिनमें 53 व्यावसायिक जहाज शामिल थे। यह संख्या पहले के मुकाबले काफी अधिक रही। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र में सुरक्षा बढ़ाने, बारूदी सुरंगों को हटाने और कुछ वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल की वजह से जहाजों की आवाजाही फिर से बढ़ी है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
ओमान ने शांति और सुरक्षित नौवहन पर दिया जोर
इस पूरे मामले में ओमान ने संतुलित रुख अपनाया है। ओमान सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ओमान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। ओमान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश की जिम्मेदारी है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करते हुए क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग करे। उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत और सहयोग के जरिए समुद्री सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर होर्मुज की स्थिति पर बनी हुई है, क्योंकि यहां का कोई भी बड़ा घटनाक्रम वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।








