देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस बार की परीक्षा में बैठे लाखों युवाओं का इंतजार खत्म हो गया है और हजारों परिवारों में जश्न का माहौल है। लेकिन इस कामयाबी की खुशी के बीच आयोग ने एक ऐसा जरूरी और सख्त नियम सामने रख दिया है, जिसे अगर समय रहते पूरा नहीं किया गया, तो प्रीलिम्स पास करने की पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। आयोग ने साफ कर दिया है कि अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने का रास्ता सिर्फ प्रीलिम्स पास करने से नहीं, बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने से होकर गुजरेगा।
इस बार कड़ा हुआ मुकाबला, 13 हजार से अधिक उम्मीदवारों को मिली हरी झंडी
केंद्रीय लोक सेवा आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सिविल सेवा परीक्षा 2026 के तहत कुल 1,016 रिक्तियों (Vacancies) को भरा जाना है। इन पदों के मुकाबले प्रारंभिक परीक्षा में कुल 13,343 उम्मीदवारों ने सफलता का परचम लहराया है, जिन्हें अब मुख्य परीक्षा देने का मौका मिलेगा। अगर पिछले साल के आंकड़ों से इसकी तुलना करें, तो इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प और कड़ा नजर आता है। साल 2025 में 1,087 रिक्तियों के लिए कुल 14,161 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इस साल रिक्तियों की संख्या कम होने की वजह से मुख्य परीक्षा की रेस में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या भी कम हुई है, जिससे साफ है कि हर एक सीट के लिए कंपटीशन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है।
…तो रद्द हो जाएगी उम्मीदवारी! आयोग ने जारी की सख्त गाइडलाइन
प्रीलिम्स की बाधा पार करने वाले सभी 13,343 उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी ने एक बेहद जरूरी चेतावनी और गाइडलाइन जारी की है। नियमों के मुताबिक, मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए सभी सफल अभ्यर्थियों को आयोग के आधिकारिक पोर्टल (https://upsconline.nic.in) पर जाकर अपनी जानकारियों को अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा और अपना आवेदन फॉर्म जमा करना होगा। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जो भी उम्मीदवार इस तय समय सीमा के भीतर अपने विवरण को अपडेट नहीं करेंगे, उन्हें सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के लिए ई-एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। आसान शब्दों में कहें तो, इस प्रक्रिया को पूरा न करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा के अगले चरणों में बैठने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी, चाहे उनका प्रीलिम्स का स्कोर कितना भी शानदार क्यों न रहा हो।
फीस का गणित और जरूरी तारीखें: भूलकर भी न चूकें यह डेडलाइन
उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की है। यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर विवरण भरने और फॉर्म को सबमिट करने की यह विशेष विंडो 19 जून से लेकर 28 जून तक खुली रहेगी। मुख्य परीक्षा 2026 में प्रवेश पाने के लिए सामान्य और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को 200 रुपये का शुल्क भी जमा करना होगा। हालांकि, आयोग ने हमेशा की तरह महिला उम्मीदवारों, दिव्यांगजनों (PwBD), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के अभ्यर्थियों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा है। 4 फरवरी, 2026 को अधिसूचित सिविल सेवा परीक्षा नियमों के तहत यह पूरी प्रक्रिया संचालित की जा रही है, इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपना रजिस्ट्रेशन समय से पूरा कर लें।
तीन चरणों की इस परीक्षा से तय होता है देश के शीर्ष अफसरों का भविष्य
बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल देश की इस सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा का आयोजन तीन अलग-अलग चरणों में किया जाता है। इसमें पहला चरण ‘प्रारंभिक परीक्षा’ (Prelims), दूसरा चरण ‘मुख्य परीक्षा’ (Mains) और तीसरा व अंतिम चरण ‘इंटरव्यू / पर्सनैलिटी टेस्ट’ होता है। इस त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के जरिए ही देश के सबसे काबिल और योग्य मस्तिष्क को चुनकर इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) जैसी शीर्ष सेवाओं के लिए अधिकारियों के रूप में तैयार किया जाता है। इस साल 24 मई को आयोजित हुई प्रीलिम्स परीक्षा को पास कर चुके उम्मीदवार अब देश की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने के अपने सपने से महज दो कदम दूर हैं, बशर्ते वे मुख्य परीक्षा की इस आगामी औपचारिकता को बिना किसी गलती के पूरा कर लें।
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