नेपाल में रोशन आनंद के भाई प्रिंस आनंद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने बिहार से लेकर नेपाल तक सियासी और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार प्रिंस आनंद वहां किसी कार्य से गए हुए थे, लेकिन उनकी अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का कहना है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे और उनकी मौत सामान्य नहीं बल्कि किसी साजिश का हिस्सा लगती है। इस घटना के बाद से ही पूरे मामले में तनाव और संदेह का माहौल बना हुआ है।
कोचिंग विवाद से जुड़ते तार और आरोप
इस मामले को पटना में चल रहे कोचिंग विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें फैजल खान उर्फ खान सर और रोशन आनंद पक्ष आमने-सामने बताए जा रहे हैं। प्रिंस के परिजनों और चाचा राजीव कुमार का आरोप है कि उन्हें पहले भी झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई थी, जिससे बचने के लिए वह नेपाल चले गए थे। अब उनकी अचानक मौत ने इन आरोपों को और गंभीर बना दिया है, हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
तेज प्रताप यादव का विवादित बयान
इस पूरे मामले पर लालू प्रसाद यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने ऐसा बयान दिया है जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर खान सर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि प्रिंस आनंद की मौत के पीछे वही जिम्मेदार हैं। तेज प्रताप के अनुसार, “अगर किसी पर शक करना है तो हम खान सर पर ही करेंगे,” और उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जांच और परिजनों की मांगें
फिलहाल प्रिंस आनंद के परिजन नेपाल में मौजूद हैं और मामले की सच्चाई जानने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाए। वहीं, तेज प्रताप यादव ने भी सरकार से अपील की है कि रोशन आनंद को उनके भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा किया जाए। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अब इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई हैं, लेकिन अभी तक मौत की असली वजह सामने नहीं आ पाई है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
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