आखिर क्यों दो बार अमेरिकी राजनयिक को बुलाना पड़ा? ओमान तट पर हमलों को लेकर भारत ने दिखाई सख्ती

ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक Jason Meeks को फिर से तलब किया और अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में समुद्री क्षेत्र में हुए हमलों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इन जहाजों पर भारतीय नागरिक भी सवार थे। भारत ने साफ संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे मामलों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए। इसी वजह से विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

लगातार दूसरी बार बुलाए गए अमेरिकी राजनयिक

यह दूसरी बार है जब भारत ने अमेरिकी पक्ष के सामने इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया है। विदेश मंत्रालय में अमेरिका मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिनिधि से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। अधिकारियों ने समुद्री क्षेत्र में बढ़ते खतरे और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में होने वाली ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा दोनों के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसलिए इस मामले में जवाबदेही और स्पष्ट जानकारी जरूरी है।

भारतीय क्रू को लेकर भी जताई चिंता

हाल ही में हुए एक हमले में भारतीय क्रू मेंबर्स के प्रभावित होने की खबर सामने आई थी। शुरुआती रिपोर्ट में कुछ भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली थी। बाद में यह पुष्टि हुई कि उनमें से कुछ की मौत हो गई है। इस घटना ने भारत की चिंता और बढ़ा दी। सरकार लगातार प्रभावित परिवारों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों को पूरी गंभीरता से लिया जाता है।

समुद्री सुरक्षा पर भारत का स्पष्ट संदेश

भारत ने इस पूरे घटनाक्रम के जरिए साफ संदेश दिया है कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ओमान तट और आसपास का क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में तेल और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई होती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का हमला केवल एक देश नहीं बल्कि कई देशों के हितों को प्रभावित कर सकता है। भारत ने उम्मीद जताई है कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

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