उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस मुख्यालय में तैनात ASI सत्येन्द्र वर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिस्थितियां इसे साधारण मामला नहीं रहने दे रहीं। कमरे से चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया है।
मंगेतर से जुड़ा विवाद और आखिरी कॉल
मिली जानकारी के अनुसार, सत्येन्द्र वर्मा की शादी वैदिक मिश्रा नाम की युवती से तय हुई थी और दोनों के बीच बातचीत जारी थी। बताया जा रहा है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हुई थी। खास बात यह सामने आई है कि आत्महत्या से पहले सत्येन्द्र ने आखिरी फोन कॉल अपनी मंगेतर को ही किया था। इस पहलू को पुलिस गंभीरता से जांच रही है। उधर, मृतक की मां ने सीधे तौर पर मंगेतर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इसी तनाव के कारण सत्येन्द्र ने यह कठोर कदम उठाया।
सुसाइड नोट ने बढ़ाए सवाल
घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में सत्येन्द्र वर्मा ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने लिखा है कि उनकी जीने की इच्छा खत्म हो चुकी थी। हालांकि, नोट में किसी अन्य व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है, जिससे मामला और उलझ गया है। यह विरोधाभास जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि एक तरफ परिवार मंगेतर पर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर सुसाइड नोट में आत्म-दोष की बात कही गई है। पुलिस अब नोट की हैंडराइटिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच जारी, कई सवाल बाकी
सत्येन्द्र वर्मा मूल रूप से फतेहपुर जिले के रहने वाले थे और वर्ष 2023 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती लखनऊ पुलिस मुख्यालय में थी। इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि सत्येन्द्र इस तरह उन्हें छोड़कर चले गए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। एक युवा पुलिसकर्मी द्वारा इस तरह का कदम उठाना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे सिस्टम के लिए कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।








