हॉर्मुज में अचानक क्या हुआ कि घिर गया भारत आ रहा जहाज? नकाबपोश कमांडो की कार्रवाई से खुला बड़ा राज

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भारत की ओर आ रहे एक जहाज समेत दो वाणिज्यिक जहाजों को ईरानी बलों ने अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नकाब पहने कमांडो समुद्र के बीच तेज रफ्तार मोटरबोट से जहाज का पीछा करते नजर आते हैं। कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल जाती है और सशस्त्र जवान जहाज पर चढ़कर नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र पहले से ही संघर्ष और सैन्य गतिविधियों के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

पीछा, घेराबंदी और फिर कब्जा

जारी वीडियो में दिखाया गया है कि छोटे-छोटे स्पीडबोट्स के जरिए कमांडो ने जहाज को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद सीढ़ी के सहारे जवान जहाज पर चढ़ते हैं और तेजी से अलग-अलग हिस्सों में फैल जाते हैं। जहाज के कंट्रोल रूम और इंजन रूम तक पहुंचकर उन्होंने पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान गोलीबारी और विस्फोटक का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे जहाज के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। यह पूरा ऑपरेशन बेहद सुनियोजित और तेज गति से अंजाम दिया गया, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे पहले से तैयार किया गया था।

किन जहाजों को बनाया गया निशाना

इस कार्रवाई में जिन जहाजों को कब्जे में लिया गया, उनमें एक पनामा ध्वज वाला “MSC Francesca” और दूसरा लाइबेरिया ध्वज वाला “Epaminondas” शामिल बताया जा रहा है। इनमें से Epaminondas जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था, जिससे यह मामला भारत के लिए भी अहम बन जाता है। घटना के बाद दोनों जहाजों को ईरानी तट की ओर ले जाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई के पीछे ईरान की तथाकथित “मॉस्किटो फ्लीट” रणनीति होती है, जिसमें छोटी और तेज नावों का इस्तेमाल कर बड़े जहाजों को घेर लिया जाता है। यह तरीका अचानक हमले और तेजी से नियंत्रण पाने के लिए जाना जाता है।

बढ़ते तनाव के बीच बड़ा संकेत

यह घटना उस समय सामने आई जब क्षेत्र में पहले से ही संघर्ष की स्थिति बनी हुई थी और युद्धविराम जैसी घोषणाओं के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए थे। ऐसे में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान का आवागमन होता है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ सकती है और समुद्री सुरक्षा को लेकर नए कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और जहाजरानी पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

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