US Iran Talks: अमेरिका और Iran के बीच पाकिस्तान में हुई अहम वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। इस्लामाबाद में चली लंबी बातचीत के बाद जब कोई नतीजा नहीं निकला, तो White House की पहली प्रतिक्रिया सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब आगे की रणनीति का पूरा अधिकार राष्ट्रपति Donald Trump को दे दिया गया है। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कूटनीतिक रास्ता फिलहाल ठप हो चुका है और अब आगे क्या होगा, यह पूरी तरह ट्रंप के फैसलों पर निर्भर करेगा।
ट्रंप का सख्त तेवर, ईरान को दी बड़ी धमकी
वार्ता फेल होने के बाद Donald Trump का गुस्सा खुलकर सामने आया है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात बिगड़े, तो उसे “पाषाण युग” में भेज दिया जाएगा। ट्रंप ने इस तरह के संकेत सोशल मीडिया पर भी दिए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान भी उनका रुख सख्त ही बना रहा। उन्होंने पहले ही कह दिया था कि समझौता हो या न हो, अमेरिका अपने हितों से पीछे नहीं हटेगा। उनके इस बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी हलचल
इस बीच Strait of Hormuz में भी तनाव देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने यूएई से सिंगापुर जा रहे अमेरिकी युद्धपोतों को रास्ते में परेशान किया। कुछ समय के लिए दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी, हालांकि बाद में अमेरिकी जहाज सुरक्षित अरब सागर की ओर बढ़ गए। बताया जा रहा है कि ईरानी नेतृत्व ने फिलहाल किसी भी सीधे हमले से बचने के निर्देश दिए हैं, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से खतरा बना हुआ है।
डेलीगेशन रवाना, अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य तैयारी
वार्ता के असफल रहने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि बातचीत में प्रगति नहीं हो सकी और ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अमेरिका ने मिडिल ईस्ट की ओर अपने कई एयरक्राफ्ट भेज दिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह तनाव आगे बढ़ेगा या फिर कूटनीति का कोई नया रास्ता निकलेगा।








