Vrindavan News: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धा और आस्था के माहौल को मातम में बदल दिया। यमुना नदी के केशी घाट पर श्रद्धालुओं से भरी एक स्टीमर अचानक पलट गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग, पुलिस और गोताखोर राहत-बचाव कार्य में जुट गए। बताया जा रहा है कि नाव में सवार श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से आए थे और धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंचे थे। हादसे के बाद घाट पर चीख-पुकार का माहौल बन गया, जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल उठा।
पांटून पुल से टकराने के बाद पलटी स्टीमर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब स्टीमर केशी घाट के पास बने पांटून पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि संतुलन बिगड़ते ही नाव पलट गई और उसमें सवार लोग सीधे नदी में गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई लोग लाइफ जैकेट के बिना ही नाव में बैठे थे, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए। हादसे के वक्त नाव में करीब 30 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही नाव पलटी, कई लोग पानी में डूबने लगे और मदद के लिए चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत रस्सियों और नावों की मदद से कुछ लोगों को बाहर निकाला, लेकिन कई लोग तेज धारा में बह गए।
राहत-बचाव में जुटी NDRF और प्रशासनिक टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। मथुरा के जिलाधिकारी चंद प्रकाश सिंह ने 6 मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है। गोताखोर लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा नदी के आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रात होने के बावजूद राहत कार्य जारी रहेगा ताकि हर संभव व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके। वहीं, स्थानीय अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। साथ ही, इस घटना की जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर नदी परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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