ओडिशा के कंधमाल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां फिरिंगिया ब्लॉक इलाके के एक सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली कक्षा 9 की एक नाबालिग छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया। यह स्कूल अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के तहत संचालित बताया जा रहा है। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार छात्रा हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी, लेकिन उसकी प्रेग्नेंसी की जानकारी काफी देर से सामने आई। जब स्कूल प्रशासन को इस बात का पता चला कि छात्रा करीब आठ महीने की गर्भवती है, तब तुरंत उसके परिवार वालों को बुलाया गया और छात्रा को उनके साथ घर भेज दिया गया। इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और मामला जांच के दायरे में आ गया।
छुट्टियों के दौरान बनी थी प्रेग्नेंट
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना पिछले साल की स्कूल छुट्टियों से जुड़ी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि छुट्टियों के दौरान छात्रा अपने घर पर थी और उसी समय कथित तौर पर एक लड़के के साथ उसका संबंध बना। इसके बाद जब छुट्टियां खत्म हुईं तो वह वापस हॉस्टल लौट आई और सामान्य रूप से पढ़ाई करती रही। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई, लेकिन लंबे समय तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। जब छात्रा की तबीयत में बदलाव दिखाई देने लगे, तब जाकर मामला सामने आया। बताया गया है कि इस महीने की शुरुआत में छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया। फिलहाल सामाजिक बदनामी के डर से छात्रा अपने घर पर ही है और अस्पताल जाने से परहेज कर रही है। गांव की आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी मां और बच्चे की देखभाल कर रहे हैं, हालांकि बताया जा रहा है कि दोनों की सेहत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद स्कूल के हेडमास्टर ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं छात्रा के परिवार ने गोछापाड़ा पुलिस स्टेशन में अलग से शिकायत दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और जांच जारी है। गोछापाड़ा थाना प्रभारी संजीव बेहरा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और अब आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही पीड़िता का बयान भी दर्ज किया जाएगा ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना के बाद उठे कई बड़े सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब छात्रा हॉस्टल में रह रही थी और लगभग आठ महीने की गर्भवती थी, तब स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी कैसे नहीं मिली। नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान भी इस बात का पता क्यों नहीं चल सका। इसके अलावा छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। जिला कल्याण अधिकारी रवि नारायण मिश्रा ने कहा कि यह मामला जिला प्रशासन के अधीन है और पुलिस में FIR दर्ज हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्कूल और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।








