नौकरी छोड़ी और शुरू की नई जंग; हरदोई के किसान के लाल ने UPSC में 286वीं रैंक से किया कमाल

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर एक किसान के बेटे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। साधारण परिवार से आने वाले योगेंद्र कुमार सिंह पटेल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 286वीं रैंक हासिल कर अपने गांव, परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस सफलता की कहानी मेहनत, धैर्य और बड़े सपनों की मिसाल बन गई है। खास बात यह है कि योगेंद्र पहले एक प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी कर रहे थे, लेकिन जब मन नहीं लगा तो उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए। अब उनकी मेहनत रंग लाई है और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

किसान के घर जन्मे, पढ़ाई से बनाई पहचान

हरदोई जिले के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के काजीपुर गांव निवासी योगेंद्र कुमार सिंह पटेल एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता गिरीश कुमार खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि मां रामरोशनी एक शिक्षिका हैं। परिवार ने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी और यही वजह रही कि योगेंद्र ने बचपन से ही शिक्षा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।

योगेंद्र की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ पब्लिक स्कूल, माधौगंज से हुई। पढ़ाई में तेज योगेंद्र ने वर्ष 2011 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की और 2013 में इंटरमीडिएट की परीक्षा लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) से पास की। इसके बाद उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा और वर्ष 2014 में आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी की और आगे चलकर वर्ष 2019 में एमटेक की डिग्री भी हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यह साबित कर दिया था कि अगर मेहनत की जाए तो किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

नौकरी मिली, लेकिन दिल नहीं लगा

उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद योगेंद्र कुमार सिंह को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बैंगलोर में नौकरी का अवसर मिला। उन्होंने करीब दो वर्षों तक वहां काम भी किया, लेकिन उनके मन में हमेशा कुछ बड़ा करने की इच्छा बनी रही। नौकरी के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि उनका मन इस काम में पूरी तरह से नहीं लग पा रहा है और वह समाज के लिए कुछ अलग करना चाहते हैं।

यही सोच उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई। वर्ष 2023 में उन्होंने बड़ा निर्णय लेते हुए नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि एक अच्छी नौकरी छोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन योगेंद्र को अपने लक्ष्य पर पूरा भरोसा था। उन्होंने दिन-रात मेहनत की, कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार 2026 में यूपीएससी परीक्षा में 286वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया।

परिवार और गांव में खुशी का माहौल

योगेंद्र कुमार सिंह की सफलता की खबर जैसे ही गांव काजीपुर और आसपास के इलाकों में पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। रिश्तेदार, मित्र और गांव के लोग उनके माता-पिता को शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं।

योगेंद्र के पिता गिरीश कुमार किसान हैं और मां रामरोशनी एक शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। दोनों ने हमेशा अपने बच्चों को शिक्षा और मेहनत का महत्व सिखाया। योगेंद्र के बड़े भाई पंकज भी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं और एलटी पद पर नौकरी करते हैं। परिवार की इस उपलब्धि पर सभी बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

गांव के लोगों का कहना है कि योगेंद्र की सफलता से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। अब कई छात्र उन्हें अपना आदर्श मानकर सिविल सेवा की तैयारी करने की बात कर रहे हैं।

मेहनत और धैर्य से मिली बड़ी सफलता

योगेंद्र कुमार सिंह पटेल की कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता जरूर मिलती है। एक किसान के बेटे ने अपने सपनों को सच करके यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, लगन और मेहनत से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

आज उनकी सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे हरदोई जिले के लिए गर्व की बात बन गई है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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