उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व राज्यपाल और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में बसपा प्रमुख मायावती की तारीफ की। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। योगी ने कहा कि कल्याण सिंह के निधन के समय मायावती सामान्य शिष्टाचार निभाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं। इसके उलट उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने न तो व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और न ही शब्दों के जरिए संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया।
‘गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं’, अखिलेश पर तंज
कार्यक्रम में सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग समय के हिसाब से अपना रंग बदलते हैं और इसी के साथ शब्दों की परिभाषा भी बदल देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले ‘P’ का मतलब पिछड़ा बताया गया, फिर पंडित कहा गया और आगे चलकर यही लोग इसकी परिभाषा पाकिस्तान से भी जोड़ सकते हैं। योगी के इस बयान को सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी की राजनीति पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन किसी पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर संवेदना व्यक्त करना सामान्य सामाजिक और राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा है।
कल्याण सिंह के सम्मान को लेकर योगी ने उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले करीब नौ वर्षों में वह तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के निधन के बाद आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं और ये तीनों अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े रहे थे। कल्याण सिंह को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके निधन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कई कार्यक्रम छोड़कर लखनऊ पहुंचे थे और वह खुद पूरी कैबिनेट के साथ अंतिम संस्कार में मौजूद रहे थे। योगी ने कहा कि कल्याण सिंह का अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं था, बल्कि उनके अनुसार यह जातीय भावनाओं और सनातन हिंदू समाज का भी अपमान था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर बीजेपी, सपा और बसपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
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