EC दफ्तर पहुंचने से पहले ही रोका गया लोकतंत्र का काफिला? दिल्ली में गरमाया विपक्ष का विरोध मार्च

अखिलेश यादव ने फांदी बैरिकेडिंग, राहुल गांधी ने पुलिस बस से दी हुंकार, वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा हुईं बेहोश — चुनाव आयोग तक विपक्ष का पैदल मार्च पुलिस की दीवार से टकराया।

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Protest against SIR

Delhi Protest: दिल्ली में सोमवार को विपक्षी सांसदों द्वारा किया गया लोकतांत्रिक प्रदर्शन उस वक्त अचानक सुर्खियों में आ गया जब संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च कर रहे नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। यह मार्च ‘संसद में सस्पेंडेड सांसदों के विरोध’ और चुनाव आयोग की निष्क्रियता के खिलाफ था। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने पर सांसदों को एक के बाद एक निलंबित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के मूल्यों पर सीधा हमला है।

राहुल की हुंकार, अखिलेश की छलांग और महुआ की तबीयत बिगड़ी

इस विरोध मार्च की अगुवाई कर रहे प्रमुख नेताओं में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, टीएमसी की महुआ मोइत्रा, संजय सिंह और डीएमके की कनिमोई शामिल थे। राहुल गांधी ने जैसे ही पुलिस बस के ऊपर चढ़कर हुंकार भरी, पूरा माहौल जोश से भर गया। वहीं अखिलेश यादव ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए बैरिकेडिंग फांद दी, जो कि प्रदर्शन का निर्णायक क्षण साबित हुआ। हालांकि, भीड़ और गर्मी के बीच TMC सांसद महुआ मोइत्रा की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिन्हें तुरंत पास के मेडिकल कैंप में ले जाया गया।

EC दफ्तर से पहले ही रोक, विपक्ष ने ठानी अगली लड़ाई

दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर भारी बैरिकेडिंग कर मार्च को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचने से पहले ही रोक दिया। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करना कानूनन गलत है और इससे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं विपक्ष का दावा है कि उन्हें जानबूझकर रोका गया ताकि चुनाव आयोग तक उनकी आवाज़ न पहुंचे। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने साफ कहा है कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी।

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