CM की कुर्सी छोड़ी, लेकिन ताकत नहीं… नीतीश कुमार को अब पूरे देश में मिलेगी सबसे कड़ी सुरक्षा! जानें क्यों?

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी अपनी सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला हासिल किया है। गृह विभाग की विशेष शाखा ने आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि उन्हें अब भी Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। यह फैसला सामान्य नहीं माना जा रहा, क्योंकि आमतौर पर पद छोड़ने के बाद सुरक्षा में बदलाव होता है। लेकिन इस मामले में सुरक्षा को बरकरार रखने के साथ-साथ पूरे देश में लागू करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह निर्णय उनकी सुरक्षा से जुड़े इनपुट्स और समीक्षा के बाद लिया गया है।

राज्यसभा सदस्य बनने के बाद बदली जिम्मेदारी

हाल ही में नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं और इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। नई भूमिका में उनकी सक्रियता अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी। ऐसे में उनके देशभर में दौरे और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा को पहले जैसा ही मजबूत बनाए रखने का फैसला लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम इसलिए भी जरूरी माना गया ताकि किसी भी राज्य में उनके दौरे के दौरान सुरक्षा में कोई कमी न आए और एक समान स्तर की सुरक्षा हर जगह सुनिश्चित हो सके।

क्या होती है Z+ सुरक्षा?

भारत में Z+ सुरक्षा को सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है। इसमें कई लेयर होती हैं, जो किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षा देने के लिए बनाई जाती हैं। इस सुरक्षा में एनएसजी कमांडो, विशेष सुरक्षा अधिकारी और स्थानीय पुलिस का घेरा शामिल होता है। साथ ही बुलेटप्रूफ गाड़ियां, एस्कॉर्ट वाहन और आधुनिक तकनीक जैसे जैमर का इस्तेमाल किया जाता है। हर समय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं और मूवमेंट पर नजर रखती हैं। यह सुरक्षा आमतौर पर उन्हीं लोगों को दी जाती है, जिनकी जान को गंभीर खतरा हो या जिनका पद बेहद संवेदनशील हो।

किसे मिलती है इतनी कड़ी सुरक्षा?

Z+ सुरक्षा केवल चुनिंदा और बेहद महत्वपूर्ण व्यक्तियों को ही दी जाती है, जैसे प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के जज। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर भी किसी व्यक्ति को यह सुरक्षा दी जा सकती है। इस सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि संबंधित व्यक्ति को हर समय संभावित खतरों से सुरक्षित रखा जाए। बिहार में करीब दो दशक तक सत्ता में रहने वाले नीतीश कुमार का राजनीतिक कद काफी बड़ा माना जाता है, और यही वजह है कि पद छोड़ने के बाद भी उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं की गई है।

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