‘सांप पर भरोसा, बीजेपी पर नहीं!’—चुनावी मंच से ममता का तीखा हमला, असम से लेकर बंगाल तक क्यों गरमाई सियासत?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया है। इसी बीच ममता बनर्जी ने एक चुनावी रैली में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि “सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं।” उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहते देश की एजेंसियां निष्पक्ष नहीं रहीं और उन पर राजनीतिक प्रभाव पड़ रहा है। ममता ने दावा किया कि चुनावों को प्रभावित करने के लिए कई तरह की रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

असम चुनाव को लेकर गंभीर आरोप

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने असम चुनाव का जिक्र करते हुए बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को स्थानीय वोटों पर भरोसा नहीं था, इसलिए बाहरी लोगों को चुनाव में शामिल किया गया। ममता के अनुसार, उत्तर प्रदेश से हजारों लोगों को ट्रेन के जरिए असम भेजा गया, ताकि चुनावी समीकरण प्रभावित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह असम में रणनीति अपनाई गई, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी कोशिशें हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

मतदाता सूची और NRC को लेकर उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान करीब 90 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ममता ने कहा कि इनमें से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि असम में भी लाखों लोगों के नाम हटाए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या हिंदुओं की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदम लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं और इससे आम जनता के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अनुसूचित जाति के कई लोगों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं।

बंगाल की जनता से भावनात्मक अपील

अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की जनता से सीधा संवाद करते हुए भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि अगर लोग उनकी सरकार चाहते हैं, तो उन्हें राज्य की सभी 294 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनी, तो लोगों की खान-पान की आजादी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी शासित राज्यों में बंगाल के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले अन्य राज्यों में बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। ममता ने भरोसा जताया कि राज्य की जनता उनके साथ है और आने वाले चुनाव में उन्हें जीत जरूर मिलेगी।

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