पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर मतभेद और नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं। ऐसे में एक और सांसद का इस्तीफा टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि कोयल मलिक ने अभी तक सार्वजनिक रूप से अपने इस्तीफे की विस्तृत वजह नहीं बताई है।
भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा
इस्तीफा देने के बाद कोयल मलिक ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। लोग अलग-अलग तरह के कयास लगा रहे हैं कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या हो सकता है। हालांकि इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी राजनीतिक गलियारों में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मदन मित्रा के बाद दूसरा बड़ा झटका
कोयल मलिक का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब एक दिन पहले ही टीएमसी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दिया था। लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर टीएमसी पर निशाना साध रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है।
राज्यसभा में भी कम हो रही टीएमसी की ताकत
कोयल मलिक से पहले भी टीएमसी के कई सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों का असर संसद में पार्टी की ताकत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में टीएमसी इस स्थिति से कैसे निपटती है और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का अगला कदम क्या होगा।








