कर्नाटक MLC Election Result 2026: कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) ने शानदार प्रदर्शन किया है। चार सीटों पर हुए चुनाव में BJP ने तीन सीटें अपने नाम कीं, जबकि एक सीट पर JD(S) को जीत मिली। दूसरी ओर, राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस किसी भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी। इन नतीजों ने कर्नाटक की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, इस चुनाव का राज्य सरकार की स्थिरता पर सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
चार सीटों पर चुनाव, NDA ने सभी पर जमाया कब्जा
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। बुधवार, 28 अक्टूबर को मतगणना पूरी होने के बाद तस्वीर साफ हो गई। दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हुए थे। इनमें से तीन सीटों पर BJP और एक सीट पर JD(S) ने जीत दर्ज की। इस तरह विपक्षी NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस के लिए यह नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि पार्टी किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में जीत का खाता नहीं खोल पाई।
BJP के इन तीन उम्मीदवारों ने कांग्रेस को दी मात
BJP ने उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपने उम्मीदवार शशिल जी. नमोशी पर दोबारा भरोसा जताया था और उन्होंने जीत हासिल कर पार्टी को मजबूत संदेश दिया। नमोशी की इस सीट पर यह पांचवीं जीत बताई गई है। उन्होंने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को हराया। इस निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी भी शामिल है, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। वहीं, दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर BJP के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट को शिकस्त दी। पश्चिम स्नातक सीट पर BJP के एस.वी. संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को हराकर पार्टी की जीत का आंकड़ा तीन तक पहुंचा दिया।
बेंगलुरु में JD(S) की जीत, कांग्रेस को बड़ा झटका
BJP की सहयोगी JD(S) ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करके अपना खाता खोला। पार्टी के उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। पुट्टन्ना दोबारा चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस जीत से JD(S) को गठबंधन में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का मौका मिला है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह नतीजा इसलिए भी अहम है, क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने राज्य में बड़ी जीत हासिल कर सरकार बनाई थी। ऐसे में विधान परिषद चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाना उसके लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
क्या कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं ये नतीजे?
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव को BJP और JD(S) के बीच तालमेल की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा था। दोनों दलों ने चारों सीटों पर जीत हासिल कर विपक्षी गठबंधन के लिए उत्साह बढ़ाया है। इन नतीजों के सहारे BJP और JD(S) अब कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए नए राजनीतिक मुद्दे उठा सकते हैं। हालांकि, विधान परिषद की इन चार सीटों के परिणामों से सरकार पर तत्काल कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। 75 सदस्यों वाली परिषद में कांग्रेस के 38, BJP के 24 और JD(S) के 6 सदस्य बताए गए हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य और सभापति हैं, जबकि सरकार की ओर से नामित होने वाली पांच सीटें खाली हैं। ऐसे में चुनावी नतीजे कांग्रेस के लिए चेतावनी जरूर हैं, लेकिन इन्हें सरकार के भविष्य का फैसला मानना जल्दबाजी होगी।
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