बॉलीवुड की ‘डिंपल गर्ल’ Preity Zinta इन दिनों सिर्फ फिल्मों नहीं बल्कि क्रिकेट के मैदान से भी सुर्खियों में हैं। उनकी टीम पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हाल ही में उन्हें दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन करते देखा गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। लेकिन इसी बीच एक ऑनलाइन इंटरैक्टिव सेशन में उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसने पैपराजी कल्चर पर नई बहस छेड़ दी। फैंस के सवालों का जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने पहली बार खुलकर बताया कि स्टारडम के साथ आने वाली पब्लिसिटी का दबाव असल में कैसा महसूस होता है।
“मैं प्राइवेट पर्सन हूं…” — स्टारडम और शांति के बीच संतुलन
सेशन के दौरान जब उनसे पूछा गया कि शोहरत, प्राइवेसी और मानसिक शांति में से सबसे बड़ी कुर्बानी क्या रही, तो उनका जवाब काफी साफ और सधा हुआ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी इसे कुर्बानी की तरह नहीं देखा, बल्कि परिस्थितियों को अपनाना सीखा है। Preity Zinta ने खुद को एक बेहद प्राइवेट इंसान बताते हुए कहा कि उनकी जिंदगी अब एक “बैलेंसिंग एक्ट” बन चुकी है। उन्हें फैंस के साथ मिलना, फोटो खिंचवाना और बातचीत करना अच्छा लगता है, लेकिन इसके साथ एक सीमा तय करना भी उतना ही जरूरी है। खासकर जब बात उनके परिवार और निजी जीवन की हो, तो वे किसी तरह का समझौता नहीं करतीं।
बच्चों की तस्वीरों पर सख्त रुख, बोलीं—‘यह नॉन-नेगोशिएबल है’
एक्ट्रेस ने इस बातचीत में सबसे ज्यादा जोर अपने बच्चों की प्राइवेसी पर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बच्चों की तस्वीरें बिना अनुमति लेना उन्हें बिल्कुल स्वीकार नहीं है। उनके लिए यह “नॉन-नेगोशिएबल” है। Preity Zinta ने कहा कि जब लोग बिना पूछे कैमरा सामने ले आते हैं, तो यह बेहद असहज कर देता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई शिष्टता से अनुमति मांगता है, तो वे आमतौर पर मना नहीं करतीं—बस शर्त यह है कि वे किसी जरूरी काम में व्यस्त न हों, जैसे फ्लाइट पकड़ना या मंदिर में पूजा करना। उनका यह संतुलित नजरिया बताता है कि वे फैंस की भावनाओं को समझती हैं, लेकिन अपनी सीमाओं को लेकर भी स्पष्ट हैं।
“पीछा करना और छिपकर फोटो लेना हद है” — पैप्स पर नाराजगी
पैपराजी कल्चर पर बात करते हुए Preity Zinta ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब फोटोग्राफर्स उनका पीछा करते हैं या अचानक सामने आ जाते हैं। उन्होंने माना कि कुछ एक्टर्स खुद पैपराजी को बुलाते हैं ताकि वे लाइमलाइट में बने रहें, लेकिन उनका तरीका अलग है। “कभी-कभी ये सब डरावना लगता है,” उन्होंने कहा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इवेंट्स और पब्लिक जगहों पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती, क्योंकि वहां फोटोग्राफर्स अपना काम कर रहे होते हैं। लेकिन जिम, घर या निजी जगहों के आसपास छिपकर तस्वीरें लेना उनके मुताबिक हद पार करना है। उन्होंने आखिर में कहा कि वे भी एक आम इंसान की तरह शांति और निजी स्पेस चाहती हैं।








