महाराष्ट्र में मंत्रालय बंटवारे पर हलचल तेज! सुनेत्रा पवार की NCP ने फडणवीस के सामने रखी बड़ी मांग, जानें क्या मिला जवाब

महाराष्ट्र की राजनीति में वित्त मंत्रालय को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपनी मांग तेज कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास वर्षा में मुलाकात कर वित्त विभाग जल्द सौंपने की मांग रखी। पार्टी का कहना है कि यह मंत्रालय उसके हिस्से का है और इसे लंबे समय तक खाली नहीं रखा जाना चाहिए। इस मुलाकात के बाद मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, वित्त मंत्रालय का अंतिम फैसला और विभाग के औपचारिक आवंटन की पुष्टि होना अभी बाकी है।

 देवगिरी में हुई कोर कमेटी की बैठक

मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले NCP की कोर कमेटी की बैठक पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास देवगिरी में हुई। बैठक में सांसद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल, हसन मुशरिफ और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद सभी नेता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। इस दौरान वित्त मंत्रालय के अलावा मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार वित्त विभाग को लेकर कब तक औपचारिक निर्णय लेती है।

 छगन भुजबल बोले- मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद छगन भुजबल ने कहा कि NCP ने वित्त मंत्रालय जल्द देने की मांग रखी है। उनके मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया है कि पार्टी को उसका वित्त विभाग मिलेगा। NCP को उम्मीद है कि बजट सत्र से पहले इस मामले पर फैसला हो सकता है। हालांकि, जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक मंत्रालय किसे और कब सौंपा जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी उठा। भुजबल ने संकेत दिया कि मंत्रिमंडल में खाली पदों और संभावित बदलावों को लेकर भी मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई है।

 NCP के विलय पर भी उठा सवाल, भुजबल ने दिया जवाब

मुलाकात के बाद NCP के विलय को लेकर भी सवाल पूछे गए। शरद पवार के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें अजित पवार गुट से बातचीत की बात कही गई थी, छगन भुजबल ने कहा कि उनकी पार्टी ने विलय के लिए उनसे मिलने की मांग नहीं की है। इस बयान के बाद दोनों NCP गुटों के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर चर्चा फिर सामने आई है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम मुद्दा वित्त मंत्रालय का है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस NCP की मांग पर कब अंतिम फैसला लेते हैं और क्या बजट सत्र से पहले विभाग का आवंटन हो पाता है।

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