दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्टर साझा करते हुए रैली को ‘ठगों का मेला’ बताया। BJP का आरोप है कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए देश विरोधी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और लोगों के बीच अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप BJP की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। रैली का आयोजन INDIA गठबंधन की ओर से किया जा रहा है, जिसमें विपक्ष के कई दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
1984 की सिख विरोधी हिंसा का भी किया जिक्र
BJP ने अपने बयान में 1 नवंबर 1984 को दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में हुई सिख विरोधी हिंसा का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने कहा कि उस दौरान कई परिवारों को उजाड़ दिया गया, घर जलाए गए और बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई। BJP ने हिंसा में कांग्रेस नेताओं की कथित भूमिका और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विवादित बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस से जवाबदेही की मांग की। पार्टी का कहना है कि चार दशक बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय का इंतजार है और उस दौर की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता।
आज दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर से लगने वाला है – “ठगों का मेला”
मक़सद – अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाने के लिए देश विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह व अराजकता फैलाना https://t.co/wi4IBfTTc9
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) November 1, 2026
रैली की तारीख को लेकर भी कांग्रेस पर उठाए सवाल
BJP ने रैली के आयोजन की तारीख पर भी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि 1 नवंबर का दिन 1984 की सिख विरोधी हिंसा की याद दिलाता है और ऐसे दिन कांग्रेस की रैली आयोजित करना पीड़ित परिवारों के जख्मों को फिर से ताजा कर सकता है। BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए उस हिंसा से जुड़े सवालों को दबा नहीं सकती। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन की रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है।
रैली को लेकर दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 250 कैमरों से निगरानी
राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, रैली स्थल और आसपास के क्षेत्र पर नजर रखने के लिए करीब 200 से 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग कर रहा है। मार्च के प्रस्तावित रास्ते पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि आयोजकों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
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